बरेली। पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप की फेसबुक पर की गई ‘टाटा बाय-बाय’ पोस्ट के बाद बरेली की सियासत में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। राज्यसभा टिकट नहीं मिलने के बाद उनकी इस पोस्ट को राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, धर्मेंद्र कश्यप की ओर से अभी तक भाजपा छोड़ने या सपा में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

एक साल पहले सपा में जाने की पटकथा लिखे जाने का दावा
सपा से जुड़े सूत्रों का दावा है कि धर्मेंद्र कश्यप के सपा में आने को लेकर करीब एक साल पहले से ही बातचीत चल रही थी। बताया जा रहा है कि धर्मेंद्र कश्यप को उम्मीद थी कि भाजपा उन्हें राज्यसभा भेज सकती है, लेकिन जब पार्टी ने झारखंड के राज्यपाल एवं पूर्व सांसद संतोष गंगवार की बेटी श्रुति गंगवार को राज्यसभा का टिकट दे दिया तो राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आए।
सूत्रों के मुताबिक, इसके बाद धर्मेंद्र कश्यप ने अचानक फेसबुक पर ‘टाटा बाय-बाय’ का संदेश लिखा, जिसके बाद सियासी चर्चाएं तेज हो गईं।
सपा से जुड़े सूत्र यह भी बताते हैं कि सपा जिलाध्यक्ष और धर्मेंद्र कश्यप के बीच पहले से अच्छे संबंध रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि जिलाध्यक्ष ने धर्मेंद्र कश्यप को सपा में लाने के प्रयास किए थे और अब इस राजनीतिक कवायद पर अंतिम मुहर लगने का इंतजार है। सूत्रों के मुताबिक, 18 अक्टूबर को धर्मेंद्र कश्यप के सपा में शामिल होने की संभावना को लेकर भी चर्चा थी, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।धर्मेंद्र कश्यप के बारे कहा यह भी जाता है कि रुहेलखंड में कश्यप समाज में उनकी पकड़ मजबूत है। जहां भी जायेंगे उसका फायदा उनके दल को मिलेगा।
डिप्टी सीएम की मुलाकात से टली थी सपा में जाने की बात?
सपा से जुड़े जानकारों के मुताबिक, भाजपा नेतृत्व भी लगातार धर्मेंद्र कश्यप के संपर्क में था। इसी क्रम में एक मई को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के धर्मेंद्र कश्यप के घर पहुंचे थे । सूत्रों का दावा है कि इस दौरान उन्हें राजनीतिक भविष्य को लेकर आश्वासन दिया गया था।
इसके बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की भी धर्मेंद्र कश्यप से मुलाकात होने की बात सामने आई थी। सपा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इन मुलाकातों के बाद धर्मेंद्र कश्यप के सपा में जाने की चर्चा आगे नहीं बढ़ सकी।लेकिन अब राज्यसभा का टिकट नहीं मिलने के बाद उनकी ‘टाटा बाय-बाय’ पोस्ट ने एक बार फिर सियासी चर्चाओं को हवा दे दी है।
धर्मेंद्र कश्यप आंवला लोकसभा सीट से दो बार सांसद रह चुके हैं और दो बार विधायक भी रहे हैं। स्थानीय राजनीति में उनकी सक्रियता को देखते हुए उनके अगले राजनीतिक कदम पर सभी की नजरें टिकी हैं। फिलहाल उनका मोबाइल नंबर बंद बताया जा रहा है। सपा में जाने की चर्चाओं पर धर्मेंद्र कश्यप की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।




