बरेली। बरेली कॉलेज में बढ़ी फीस को लेकर छात्र-छात्राओं का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। फीस वृद्धि के खिलाफ अब राजनीतिक दलों से जुड़े छात्र संगठनों ने भी मोर्चा संभाल लिया है। इसी क्रम में सपा छात्र सभा की ओर से कॉलेज परिसर में हस्ताक्षर अभियान चलाकर फीस वृद्धि वापस लेने की मांग की गई।
अभियान में सपा के वरिष्ठ नेता इंजीनियर अनीस अहमद, कदीर अहमद, प्रमोद यादव, प्रमोद विष्ट समेत कई कार्यकर्ता और छात्र नेता शामिल हुए। नेताओं ने फीस बढ़ोतरी को छात्रों और उनके परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताते हुए कॉलेज प्रबंधन से तत्काल इसे वापस लेने की मांग की।

इस दौरान छात्र नेता हृदेश यादव ने आरोप लगाया कि फीस वृद्धि करते समय विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 की धारा 46 का पालन नहीं किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऑनलाइन एडमिशन एजेंसी सियारा इंफोटेक के माध्यम से विद्यार्थियों से जीएसटी और गेटवे शुल्क के नाम पर अतिरिक्त वसूली की जा रही है, जो नियमों के अनुरूप नहीं है।

हृदेश यादव ने कहा कि वह स्वयं बरेली कॉलेज के छात्र रह चुके हैं और छात्रसंघ के महामंत्री भी रहे हैं। उनके मुताबिक वर्तमान में कॉलेज प्रबंधन छात्रों की समस्याओं और आपत्तियों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहा है। छात्र नेताओं ने फीस वृद्धि वापस नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की बात कही।



