मोहम्मद आदिल
बरेली। कोहाड़ापीर से 12 रबी-उल-अव्वल शरीफ को निकाले वाले जुलूस-ए-मोहम्मदी में कुछ नौजवानों द्वारा गैर-शरई और शर्मनाक कामों को अंजाम देने और जुलूस के एहतेराम से खिलवाड़ करने की ख़बर लगते ही दरगाह-ए-आला हज़रत के प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान(सुब्हानी मियां) सख्त ग़म व गुस्से में हैं। इस सिलसिले में दरगाह प्रमुख ने सबसे पहला बड़ा कदम उठाते हुए जुलूस का इंतज़ाम देखने वाली अंजुमन ख़ुद्दाम-ए-रसूल की वर्किंग कमेटी को तत्काल प्रभाव से भंग करने का ऐलान कर दिया है।
हज़रत सुब्हानी मियां ने कहा कि जल्द ही नई वर्किंग कमेटी का गठन किया जाएगा। इसके लिए शहर भर से मोअज़्ज़ज़ (संभ्रांत),बा-असर, दीनदार और बा-अदब लोगों के नाम की लिस्ट तैयार की जा रही है।
जांच कमेटी गठित,सख्त कार्रवाई के संकेत
उलमा और ख़ास हज़रात पर मुश्तमिल एक ख़ुसूसी कमेटी का गठन कर दिया गया है।
1. जुलूस-ए-मोहम्मदी की बे-हुर्मती करने वाले और मुक़द्दस जुलूस में गैर-शरई और शर्मनाक कामों को अंजाम देने वाले नौजवानों को चिन्हित (पहचान) करेगी।
2. उनके घर और परिवार के ज़िम्मेदारान से मिल कर उन्हें समझाएगी और उनके शरई जुर्म को उनके सामने रखेगी।
3. उनके खिलाफ जो शरई हुक्म बनता है उससे भी उन्हें आगाह करेगी।
हज़रत सुब्हानी मियां ने आगे कहा कि यह कमेटी इस बात की भी जांच करेगी कि कहीं जुलूस-ए-मोहम्मदी से दुश्मनी रखने वाली ताकतें साज़िश के तौर पर इन नासमझ नौजवानों से यह काम तो नहीं करा रही हैं।क्योंकि दरगाह प्रमुख को ऐसी ख़बरें भी मिल रही हैं कि कुछ लोग हर साल बरेली शरीफ के इस तारीखी जुलूस-ए-मोहम्मदी को बदनाम करने और उसकी अज़मत को तार-तार करने के लिए साज़िश करते हैं और इन नासमझ नौजवानों को उकसाते और हर तरह से उनकी हिम्मत बढ़ाते हैं।यह जानकारी दरगाह प्रमुख सुब्हानी मियां की ओर से
टीटीएस के परवेज़ नूरी ने दी है।



