बरेली। रक्षाबंधन से एक दिन पहले बरेली क्लब में मेयर उमेश गौतम और उनके बेटे पार्थ गौतम की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचीं। भीड़ उम्मीद से अधिक बढ़ने के बाद कार्यक्रम स्थल पर व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे। भीड़ के बीच कुछ महिलाओं की तबीयत बिगड़ने और बेहोश होने की सूचना सामने आई। वहीं, बच्चों के गुम होने की घोषणाएं भी कार्यक्रम स्थल पर सुनाई दीं।

कुछ महिलाओं को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजे जाने की बात कही गई, हालांकि इसकी स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी। कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ के चलते बरेली क्लब के आसपास यातायात भी प्रभावित हुआ और कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनी। वहीं इसी बीच खबर आई कि घटना में एक महिला की मौत हो गई।

कार्यक्रम में शामिल कुछ महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें आयोजन स्थल तक पहुंचाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई थी, लेकिन कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वापस जाने के लिए पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं कराए गए। कुछ महिलाओं ने यह भी दावा किया कि उन्होंने मेयर उमेश गौतम और पार्थ गौतम को राखी बांधी, लेकिन उन्हें अपेक्षित उपहार के तौर पर साड़ी या लिफाफा नहीं मिला।

इसी बीच महिलाओं के बीच साड़ी बांटने के लिए एक डीसीएम वाहन पहुंचा। वाहन के आसपास अचानक भीड़ जमा हो गई। स्थिति को देखते हुए डीसीएम वहां से रवाना हो गया। इसके बाद कई महिलाएं साड़ी पाने की उम्मीद में वाहन के पीछे दौड़ती दिखाई दीं। इस घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है।

वहीं, कार्यक्रम की व्यवस्थाओं पर उठे सवालों को पार्थ गौतम ने खारिज किया। उनका कहना था कि शुरुआत में भीड़ को व्यवस्थित करने में कुछ परेशानी जरूर हुई, लेकिन बाद में स्थिति नियंत्रित कर ली गई। उन्होंने कहा कि किसी महिला को परेशानी हुई है तो उसकी मदद के लिए वह मौजूद हैं।
पार्थ गौतम ने यह भी कहा कि आयोजन बड़े स्तर पर किया गया था और इसकी व्यवस्थाएं प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों की तर्ज पर रखी गई थीं। उन्होंने अव्यवस्था के आरोप लगाने वालों से पहले मौके की व्यवस्था देखने की बात कही।
फिलहाल महिलाओं के बेहोश होने, उन्हें अस्पताल भेजे जाने और बच्चों के गुम होने संबंधी सूचनाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कार्यक्रम से सामने आए वीडियो के बाद आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा जरूर तेज हो गई है। वहीं ssp अनुराग आर्य ने बताया कि कोई सूचना नहीं है किसी थाने पर अस्पतालों से भी जानकारी करा रहे हैं।


