बरेली। 108वें उर्स-ए-आलाहजरत के मुबारक मौके पर देश के अलग-अलग हिस्सों और विदेशों से बरेली पहुंचे जायरीनों का भव्य स्वागत किया गया। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं बरेली हज सेवा समिति के महासचिव इंजीनियर अनीस अहमद

वहीं, बरेली हज सेवा समिति और जनसेवा टीम के अध्यक्ष एवं समाजसेवी पम्मी ख़ाँ वारसी के तत्वावधान में इस्लामिया कॉलेज रोड पर विशेष स्वागत एवं सेवा कैंप लगाया गया। कैंप में जायरीनों पर फूल बरसाने के साथ ही पानी की सबील लगाकर उनकी सेवा की गई। फूलों की बारिश से स्वागत किए जाने पर जायरीनों के चेहरों पर खुशी नजर आई। बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने इस पहल की सराहना करते हुए आयोजकों को दुआओं से नवाजा।
इस मौके पर इंजीनियर अनीस अहमद ने कहा कि आला हजरत का उर्स दुनिया भर में मोहब्बत, अमन, भाईचारे और इंसानियत का पैगाम देता है। बरेली आने वाले तमाम जायरीन हमारे मेहमान हैं और उनका स्वागत करना शहर की गंगा-जमुनी तहजीब तथा मेहमाननवाजी की परंपरा का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस मुबारक मौके पर दुआ है कि मुल्क में अमन-चैन, तरक्की और आपसी भाईचारा हमेशा कायम रहे।

जनसेवा टीम के अध्यक्ष एवं समाजसेवी पम्मी ख़ाँ वारसी ने कहा कि बरेली की सरजमीं पर आने वाला हर मेहमान हमारे लिए बाइस-ए-फख्र है। आला हजरत ने पूरी दुनिया को इल्म की रोशनी, इंसानियत और खिदमत-ए-खल्क का पैगाम दिया। उनके बताए रास्ते पर चलते हुए जायरीनों की सेवा करना हम सभी का फर्ज है।
उन्होंने आवाम से ‘पढ़ो और बढ़ो’ के सिद्धांत को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षा के जरिए युवा पीढ़ी अपनी प्रतिभा और क्षमता का इस्तेमाल कर देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन कर सकती है।

स्वागत एवं सेवा कैंप में बड़ी संख्या में जायरीन और अकीदतमंद मौजूद रहे। इस दौरान पम्मी ख़ाँ वारसी, इंजीनियर अनीस अहमद ख़ाँ, आसिम हुसैन क़ादरी, हाजी रेहान युफूज़जई, हाजी साकिब रज़ा ख़ाँ, हाजी सय्यद असद अली, अब्दुल्ला शेख, हाजी उवैस ख़ान, राजिक अली सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

फूलों की बारिश, पानी की सबील और गर्मजोशी से किए गए स्वागत ने उर्स के दौरान खिदमत-ए-खल्क, मोहब्बत और आपसी सौहार्द की खूबसूरत तस्वीर पेश की।


