उर्स-ए-आला हज़रत के दौरान आल इंडिया मुस्लिम जमात की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में देश-विदेश के मुद्दों पर चर्चा, शिक्षा और सामाजिक सुधार पर भी दिया गया जोर
बरेली। उर्स-ए-आला हज़रत के अवसर पर आल इंडिया मुस्लिम जमात की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने की। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए उलेमा और दानिश्वरों ने भाग लिया। बैठक के बाद संगठन ने मीडिया के सामने ‘मुस्लिम एजेंडा 2027’ जारी किया, जिसमें राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और सामाजिक मुद्दों पर अपने प्रस्ताव रखे।
बैठक में ईरान-इजराइल तनाव को प्रमुख मुद्दा बताते हुए संगठन ने अमेरिका और इजराइल की कार्रवाई की निंदा की। साथ ही मुस्लिम देशों से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होने और ‘मुस्लिम नाटो’ जैसे साझा सुरक्षा गठबंधन के गठन की मांग की। मस्जिद-अक्सा की सुरक्षा के लिए भी प्रभावी कदम उठाने की अपील की गई।
राष्ट्रीय मुद्दों पर संगठन ने पैगंबर-ए-इस्लाम के सम्मान से जुड़े कानून की मांग दोहराई। साथ ही कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में मतदाताओं से अपील की जाएगी कि वे प्रत्याशियों से इस विषय पर अपना स्पष्ट रुख पूछें। बैठक में ज्ञानवापी मस्जिद, शाही ईदगाह मथुरा और संभल की जामा मस्जिद से जुड़े मामलों पर भी संगठन ने अपना पक्ष रखा।
इसके अलावा वक्फ संपत्तियों में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की गई। मुस्लिम समाज से शिक्षा, व्यापार और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने, दहेज और फिजूलखर्ची से बचने तथा युवाओं को नशा, जुआ और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रखने की अपील की गई। राज्य सरकारों से धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप न करने, बुलडोजर कार्रवाई रोकने और सुरक्षा का माहौल सुनिश्चित करने की भी मांग रखी गई।बैठक में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों के उलेमा एवं संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।



