यूक्रेन हमले के बाद बरेली का दीपक चौथे दिन भी लापता, मां की दुआ और बहन को भाई के लौटने का इंतजार

Picture of newsvoxindia

newsvoxindia

FOLLOW US:

SHARE:

तुर्की की मर्चेंट नेवी के जहाज पर था तैनात, ओडेसा बंदरगाह पर हमले के बाद से नहीं मिला कोई सुराग; परिवार की निगाहें हर नई सूचना पर टिकी

बरेली। परिवार की बेहतर जिंदगी का सपना लेकर विदेश गया बरेली का एक युवक पिछले चार दिनों से लापता है। यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर हुए हमले के बाद बिथरी चैनपुर क्षेत्र के भरतौल गांव निवासी दीपक कुमार गुप्ता का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। घर में बेचैनी का माहौल है। मां बेटे की सलामती के लिए दिन-रात प्रार्थना कर रही हैं, पिता हर सूचना पर उम्मीद लगाए बैठे हैं और बहन को भाई का वह वादा याद आ रहा है कि वह 2 अगस्त को उसके जन्मदिन या फिर रक्षाबंधन पर घर जरूर आएगा।

फोटो में दीपक गुप्ता

दीपक कुमार गुप्ता तुर्की की एक मर्चेंट नेवी कंपनी के भारतीय व्यापारिक जहाज एमवी एजीएन रैग्नार पर सीमैन के रूप में तैनात थे। शनिवार को यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास हुए हमले के बाद से उनका कोई संपर्क नहीं हो सका। घटना के चार दिन बीत जाने के बावजूद उनकी स्थिति को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

भरतौल गांव स्थित दीपक के घर का माहौल पूरी तरह गमगीन है। मां, पिता, बहन और अन्य परिजन हर आने-जाने वाले से एक ही सवाल पूछ रहे हैं—”दीपक की कोई खबर मिली?” गांव के प्रधान, रिश्तेदार और स्थानीय लोग लगातार परिवार के घर पहुंचकर उन्हें हिम्मत बंधा रहे हैं। हर बार दरवाजे पर दस्तक होने पर परिवार को उम्मीद होती है कि शायद कोई अच्छी खबर लेकर आया होगा, लेकिन इंतजार लगातार लंबा होता जा रहा है।दीपक के बड़े भाई संदीप गुप्ता ने दिल्ली स्थित शिपिंग कंपनी के कार्यालय से संपर्क किया, लेकिन वहां से भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद परिवार लगातार कंपनी और संबंधित अधिकारियों से संपर्क बनाए हुए है।

फोटो में दीपक गुप्ता का परिवार

मां बोलीं- बस मेरा बेटा सकुशल लौट आए
दीपक की मां ने भावुक होकर कहा कि उनका बेटा चार दिन से लापता है और पूरा परिवार उसकी सलामती की दुआ कर रहा है। उन्होंने कहा कि घर का दरवाजा खुलते ही लगता है कि शायद बेटे की कोई अच्छी खबर मिली होगी, लेकिन हर बार निराशा हाथ लगती है। उन्होंने सरकार से बेटे का जल्द पता लगाने की अपील की है।

पिता बोले- अभी उम्मीद बाकी है
दीपक के पिता उद्धव साह का कहना है कि अभी तक किसी भी तरह की अनहोनी की आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि शिपिंग कंपनी और जहाज के अन्य क्रू सदस्यों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। पहले बचाव अभियान चलने की जानकारी मिली थी, लेकिन उसके बाद कोई संपर्क नहीं हो पाया। उन्हें भरोसा है कि उनका बेटा सुरक्षित लौटेगा।

बहन को याद है भाई का वादा
दीपक की बड़ी बहन ने बताया कि भाई ने कहा था, “2 अगस्त को तुम्हारे जन्मदिन पर आऊंगा, अगर उस दिन नहीं आ पाया तो रक्षाबंधन पर जरूर घर आऊंगा।” अब बहन हर पल भाई के फोन का इंतजार कर रही है और भगवान से उसकी सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रही है।

फिलहाल भरतौल गांव में हर किसी की जुबान पर एक ही दुआ है कि दीपक कुमार गुप्ता सकुशल अपने घर लौट आएं। परिवार की उम्मीद अब भी बरकरार है और उनकी निगाहें हर उस खबर पर टिकी हैं, जो दीपक की सुरक्षित वापसी का संदेश लेकर आए।

newsvoxindia
Author: newsvoxindia

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ी गई न्यूज