बरेली। उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) बरेली सेक्टर ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था, मुरादाबाद के उपनिदेशक रूप सिंह को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम स्वीकार करते ही विजिलेंस टीम ने पूर्व नियोजित ट्रैप के तहत आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया।
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसके द्वारा उत्पादित बीजों के सत्यापन और टैग जारी करने की प्रक्रिया पूरी करने के बदले उपनिदेशक ने 70 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता ने पूरी रकम देने में असमर्थता जताई तो कथित तौर पर आरोपी ने पहले 10 हजार रुपये देने और शेष राशि बाद में देने की बात कही।
शिकायत मिलने के बाद सतर्कता अधिष्ठान ने मामले का सत्यापन कराया। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर विजिलेंस टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। तय रणनीति के तहत शिकायतकर्ता आरोपी के संपर्क में पहुंचा और जैसे ही उसने 10 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार की, टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
एडिशनल एसपी विजिलेंस अरविंद कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना जारी है और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी को शनिवार को मुरादाबाद के सक्षम न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां से आगे की न्यायिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
सतर्कता अधिष्ठान ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी सरकारी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो उसकी शिकायत रिश्वत विरोधी हेल्पलाइन **9454401866** पर दर्ज कराएं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में शिकायत मिलने पर निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



