बरेली। रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी के 38 कमरों पर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए नेता प्रतिपक्ष माताप्रसाद पांडेय के नेतृत्व में 49 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल रामपुर भेजा। रामपुर रवाना होने से पहले बरेली के सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में माताप्रसाद पांडेय ने कहा कि पार्टी का प्रतिनिधिमंडल मौके पर जाकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेगा और प्रभावित पक्ष से बातचीत करेगा।

माताप्रसाद पांडेय ने आरोप लगाया कि जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान या व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई कानून के दायरे में और निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “हम मौके पर जा रहे हैं। वहां की वास्तविक स्थिति देखने के बाद ही आगे की बात कही जाएगी।”
प्रेस वार्ता के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों का लाभ बड़े उद्योगपतियों को मिल रहा है, जबकि आम जनता महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट का सामना कर रही है। उनका कहना था कि बड़े कारोबारियों के कर्ज माफ किए जाते हैं, लेकिन गरीब और किसानों को राहत नहीं मिलती।
वंदे मातरम बिल के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार जनता के मूल मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए नए विवाद खड़े करती है। उनके अनुसार, बेरोजगारी, महंगाई, डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतें और खाद-बीज की समस्या जैसे विषयों पर जवाब देने के बजाय सरकार भावनात्मक और धार्मिक मुद्दों को प्रमुखता देती है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में छात्र अपनी समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से पहुंचे थे। ऐसे मामलों में सरकार को संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए, न कि बल प्रयोग का।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी। जहां भी अन्याय या राजनीतिक दुर्भावना की आशंका होगी, पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से उसका विरोध करेगी।



