बरेली जिले के बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा एक मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। छेड़छाड़ के आरोप में हिरासत में लिए गए एक युवक के गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसके परिजनों ने पुलिस पर थाने में मारपीट करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया है कि युवक ने नशे की हालत में स्वयं शीशे पर हाथ मार लिया था, जिससे वह घायल हुआ।

फिलहाल युवक का इलाज शहर के राममूर्ति मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे आईसीयू में भर्ती किया गया है।पुलिस के अनुसार, 11 जुलाई को बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र की एक महिला ने डायल-112 पर फोन कर एक युवक पर छेड़छाड़ और अभद्रता का आरोप लगाया था। सूचना मिलने पर पीआरवी टीम ने ग्राम चैनपुर बिचपुरी निवासी अनिल पुत्र छेदा लाल को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। पुलिस का कहना है कि संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के बाद उससे पूछताछ की जा रही थी।
सीओ हाईवे देवेश कुमार के मुताबिक, पूछताछ के दौरान अनिल शराब के नशे में था। उनका कहना है कि उसने पुलिसकर्मियों से अभद्र व्यवहार किया और आवेश में आकर सीसीटीएनएस कार्यालय के गेट पर लगे शीशे पर हाथ मार दिया। शीशा टूटने से उसके दाहिने हाथ में गंभीर चोट आई और अधिक रक्तस्राव होने लगा। इसके बाद पुलिस ने तत्काल उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिथरी चैनपुर पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद राममूर्ति मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
वहीं, घायल अनिल के परिजनों का आरोप पूरी तरह अलग है। अनिल की पत्नी साक्षी का कहना है कि उनके पति घर लौट रहे थे। रास्ते में एक युवती ने उनसे घर तक छोड़ने के लिए कहा। कुछ देर बाद वही युवती उनके घर पहुंची और विवाद करने लगी। इसके बाद उसने अनिल पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए डायल-112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस अनिल को अपने साथ थाने ले गई।

साक्षी का आरोप है कि थाने में उनके पति के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। उनका कहना है कि अनिल ने उन्हें बताया था कि एक पुलिस अधिकारी ने लोहे की रॉड से उनके हाथ पर वार किया, जिससे हाथ गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। उन्होंने दावा किया कि डॉक्टरों ने पूरी रात हाथ बचाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।
अनिल की मां ने बताया कि उनका बेटा फिलहाल पूरी तरह होश में नहीं है और बयान देने की स्थिति में भी नहीं है। उन्होंने कहा कि रविवार होने के कारण परिवार किसी वरिष्ठ अधिकारी से औपचारिक शिकायत नहीं कर सका। उनका आरोप है कि अब तक कोई वरिष्ठ पुलिस या प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचकर घायल का हालचाल लेने नहीं आया, हालांकि कुछ पुलिसकर्मी अस्पताल जरूर पहुंचे थे।
फिलहाल इस मामले में पुलिस और परिजनों के दावे एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। घटना की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर स्थिति स्पष्ट होना अभी बाकी है। मामले को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। ऐसे में निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।



