भ्रष्टाचार निवारण संगठन बरेली की ट्रैप टीम की कार्रवाई, शिकायत मिलने के बाद बिछाया गया था जाल
बरेली/बदायूं। उत्तर प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के बीच बदायूं में रिश्वतखोरी का एक और मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) बरेली की ट्रैप टीम ने एंटी पावर थेफ्ट थाने में तैनात एक सिपाही को बिजली चोरी के मुकदमे में राहत दिलाने के नाम पर 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार सिपाही कृष्णपाल सिंह एंटी पावर थेफ्ट थाना, उसावां रोड (बदायूं) में तैनात है। ग्राम नेथू, थाना अलापुर निवासी हेमराज ने संगठन से शिकायत की थी कि बिजली चोरी के दर्ज मुकदमे में जेल न भेजने और मामले में राहत दिलाने के बदले उससे 6 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है।
शिकायत की पुष्टि होने के बाद प्रभारी निरीक्षक रामलाल पाण्डेय के नेतृत्व में ट्रैप टीम का गठन किया गया। पूर्व निर्धारित योजना के तहत बुधवार दोपहर करीब 12:28 बजे बदायूं स्थित द्वितीय विद्युत वितरण खंड कार्यालय परिसर में जाल बिछाया गया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी सिपाही को 6 हजार रुपये दिए, टीम ने उसे मौके पर ही रिश्वत की रकम के साथ पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को थाना सिविल लाइंस, बदायूं ले जाया गया, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी किसी काम के बदले रिश्वत मांगता है तो उसकी सूचना तुरंत संगठन को दें, ताकि उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
गौरतलब है कि हाल के समय में भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने बरेली मंडल में पुलिस, स्वास्थ्य, राजस्व और अन्य विभागों से जुड़े कई मामलों में ट्रैप कार्रवाई कर रिश्वतखोर कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। संगठन का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।



