बरेली। उत्तर प्रदेश में आरक्षण के मुद्दे पर सियासत एक बार फिर गर्मा गई है। समाजवादी पार्टी ने भाजपा सरकार पर पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) समाज के अधिकारों को व्यवस्थित तरीके से कमजोर करने का आरोप लगाया है। सपा जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने गुरुवार को आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि सरकारी नौकरियों में आरक्षण व्यवस्था का लगातार उल्लंघन किया जा रहा है, जिससे पीडीए वर्ग के हजारों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आरक्षण के साथ हो रही कथित अनियमितताओं को नहीं रोका गया तो समाजवादी पार्टी प्रदेशव्यापी जनांदोलन छेड़ेगी।शुभलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार संविधान और सामाजिक न्याय की मूल भावना के विपरीत काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले दस वर्षों में हुई कई महत्वपूर्ण भर्तियों में आरक्षित वर्गों को उनका पूरा अधिकार नहीं मिला। 69 हजार शिक्षक भर्ती, ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती, लेखपाल भर्ती और कृषि प्राविधिक सहायक भर्ती सहित विभिन्न चयन प्रक्रियाओं का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि निर्धारित आरक्षण के अनुरूप पद नहीं भरे गए, जिससे पीडीए समाज के अभ्यर्थियों को नुकसान उठाना पड़ा।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं को रोजगार देने के अपने वादों पर खरी नहीं उतरी है। एक ओर नौकरियां कम हुई हैं, वहीं दूसरी ओर भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और बार-बार परीक्षाएं निरस्त होने की घटनाओं ने युवाओं का विश्वास तोड़ दिया है। इससे लाखों अभ्यर्थियों में निराशा और असंतोष बढ़ा है।
सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी आरक्षण और सामाजिक न्याय के मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाएगी। गांवों, कस्बों और शहरों में अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा तथा पीडीए समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी संविधान और आरक्षण व्यवस्था के संरक्षण के लिए सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रेसवार्ता में महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी, आंवला सांसद नीरज मौर्य, पूर्व मंत्री भगवत शरण गंगवार, विधायक अताउर रहमान, विधायक शहजिल इस्लाम, कदीर अहमद, डॉ. अनीस बेग, इंजीनियर अनीस अंसारी, वीरपाल सिंह यादव, सुल्तान बेग, राजेश अग्रवाल, दीपक शर्मा, अगम मौर्य, अशोक यादव सहित बड़ी संख्या में सपा नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।




