बरेली। आंवला क्षेत्र से डेढ़ वर्षीय बच्चे के अपहरण की जांच के दौरान पुलिस ने बच्चों की कथित खरीद-फरोख्त से जुड़े एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश करने का दावा किया है। मामले में अस्पताल संचालक और नर्स समेत तीन और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही इस प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या छह पहुंच गई है।
पुलिस के मुताबिक 24 मई को मनौना धाम में रहने वाले एक कर्मचारी के डेढ़ वर्षीय पुत्र के अचानक लापता होने की सूचना मिली थी। परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने पहले दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया, जिनसे पूछताछ और मिले सुरागों के आधार पर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया।

इसके बाद मामले में एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया। आगे की जांच में पुलिस ने संजय कुमार विश्वास, केशवराम उर्फ मंजेश और सीता नामक तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। बाद में उन्हें विधिक कार्रवाई के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार तीनों आरोपी स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्यों में संलिप्त रहे हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त से जुड़े कुछ अहम तथ्य सामने आए हैं। पुलिस को आशंका है कि गिरोह भीड़भाड़ वाले इलाकों, धार्मिक स्थलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों को निशाना बनाकर वारदातों को अंजाम देता था। फिलहाल पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और संभावित मामलों की जांच कर रही है।
एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बताया कि अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रारंभिक जांच में तीन बच्चों की खरीद-फरोख्त से संबंधित जानकारी सामने आई है। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल में जुटी हुई है।




