बरेली। साइबर क्राइम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने ‘महादेव’ और ‘महाकाल’ नाम के फर्जी व प्रतिबंधित गेमिंग-बेटिंग ऐप के जरिए ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। बरेली के आशुतोष सिटी इलाके से संचालित इस नेटवर्क के जरिए देशभर के लोगों को निवेश के नाम पर झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठे जा रहे थे।
पुलिस ने छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य सरगना शिवम कुमार फरार है।पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह किराए के मकान में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर लोगों को फोन करता था और कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का लालच देता था। आरोपी ‘महादेव’ और ‘महाकाल’ नाम के ऐप डाउनलोड कराकर क्यूआर कोड के माध्यम से पैसे ट्रांसफर कराते थे। रकम अलग-अलग बैंक खातों में भेज दी जाती और कुछ समय बाद आरोपी संपर्क खत्म कर देते थे।

छापेमारी के दौरान नवाबगंज निवासी सूर्याभान पटेल और भुता क्षेत्र निवासी विनीत को गिरफ्तार किया गया। मौके से 7 मोबाइल फोन, 3 वाईफाई राउटर, 12 सिम कार्ड, 7 चेकबुक, 5 पासबुक, 13 डेबिट कार्ड और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए गए, जिनका उपयोग ठगी के लिए किया जा रहा था।
एसपी क्राइम मनीष चन्द्र सोनकर ने बताया कि साइबर टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई कर इस कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया। मुख्य आरोपी शिवम वर्ष 2024 से इस गिरोह को संचालित कर रहा था और उसके खिलाफ NCRP पोर्टल पर 15 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं।

गिरोह का नेटवर्क केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, दिल्ली, महाराष्ट्र सहित करीब 15 राज्यों तक फैला हुआ था। पुलिस अब फरार सरगना समेत अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की कार्रवाई जारी



