बरेली। दलालों के सक्रिय होने की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच गुरुवार को जिलाधिकारी अविनाश सिंह के निर्देश पर अधिकारियों द्वारा आरटीओ दफ्तर में अचानक छापेमारी की गई, भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों को देखते ही परिसर में हड़कंप मच गया और कई दलाल पकड़ से बचने के लिए दीवार फांदकर भागते नजर आए।

प्रशासन ने मौके पर ही बुलडोजर चलवाकर आरटीओ के बाहर बने अवैध खोमचे और दलालों के अड्डों को हटवा दिया।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने सबसे पहले आरटीओ दफ्तर के सभी गेट बंद करवा दिए और परिसर में मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की। जो लोग किसी काम से आए थे, उनसे संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई। कुछ लोग संदिग्ध मिले, लेकिन कागजात सही मिलने पर उन्हें जाने दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक आरटीओ में सक्रिय दलाल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नाम पर लोगों से करीब 10 हजार रुपये तक वसूल रहे थे, जबकि इसकी सरकारी फीस केवल 1350 रुपये है। वहीं वाहनों की फिटनेस कराने के नाम पर भी हजारों रुपये वसूले जा रहे थे।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने कर्मचारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि आम जनता के काम सीधे किए जाएं, दलालों के माध्यम से नहीं। उन्होंने आरटीओ को दलाल-मुक्त बनाने के निर्देश भी दिए और कहा कि काम कराने आने वाले लोगों की पहचान के लिए आधार कार्ड अनिवार्य किया जाएगा।
वहीं अधिकारियों का कहना है कि अब आरटीओ परिसर में किसी भी तरह की दलाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता के काम पारदर्शी तरीके से कराए जाएंगे।



