बरेली। विश्व में बढ़ते सैन्य तनाव और संघर्ष को लेकर आल इंडिया मुस्लिम मजलिस ने चिंता व्यक्त करते हुए भारत की राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा है। संगठन के कार्यकर्ताओं ने विश्व शांति और मानवता की रक्षा के उद्देश्य से शांति मार्च निकालकर यह ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान समय में दुनिया के कई क्षेत्रों में बढ़ते युद्ध और सैन्य टकराव ने वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। युद्ध और हिंसा की स्थिति में सबसे अधिक नुकसान निर्दोष नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और आम लोगों को उठाना पड़ता है, जिससे मानवीय संकट गहराता है।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वसी अहमद ने कहा कि भारत हमेशा से शांति, सह-अस्तित्व और संवाद की नीति का समर्थक रहा है। भारत की सभ्यता और संविधान दोनों ही ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना को मजबूत करते हैं। ऐसे में भारत सरकार को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय भूमिका निभाते हुए शांति और कूटनीति के माध्यम से बढ़ते वैश्विक तनाव को कम करने की दिशा में पहल करनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत को विश्व समुदाय के साथ मिलकर ऐसे प्रयासों को बढ़ावा देना चाहिए, जिनसे युद्ध की बजाय बातचीत, सहयोग और न्यायपूर्ण समाधान को प्राथमिकता मिले। दुनिया में स्थायी शांति तभी संभव है, जब सभी देशों की संप्रभुता, सम्मान और मानवाधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
संगठन ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि वह इस गंभीर विषय पर भारत सरकार को आवश्यक पहल करने के लिए निर्देशित करें, ताकि विश्व में शांति, स्थिरता और मानवता की रक्षा सुनिश्चित हो सके। ज्ञापन देने वालों में ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस के मंडलाध्यक्ष मुख्तार अहमद , दीपेश भारती सहित तमाम नेता मौजूद रहे।



