बरेली।कला जब जुनून से जन्म लेती है तो उसे न तो महंगे कैनवास की जरूरत होती है और न ही रंगीन फ्रेम की। ऐसा ही एक अनोखा उदाहरण बरेली में देखने को मिला, जहां बदायूं निवासी अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त आर्टिस्ट शगूफी ने अपनी कला से सभी को चौंका दिया।

आर्टिस्ट शगूफी ने बरेली के मेयर डॉक्टर उमेश गौतम का चित्र किसी कागज या कैनवास पर नहीं, बल्कि पीपल के एक सूखे पत्ते पर उकेरा है। सूखे पत्ते पर बनी यह बारीक और जीवंत पेंटिंग देखते ही देखते चर्चा का विषय बन गई।
शगूफी अपने पेंटिंग के अलग अंदाज के लिए जानी जाती हैं। वे सूखे पत्ते, कबूतर के पंख, अंडे, लकड़ी और अन्य वेस्ट सामग्री से बेहतरीन कलाकृतियां तैयार करती हैं। कबाड़ को बेस्ट में बदलने का यही हुनर उन्हें विश्व रिकॉर्ड तक ले गया। शगूफी हार्वर्ड वर्ल्ड रिकॉर्ड, लंदन की रिकॉर्ड होल्डर हैं।
बहुत कम उम्र में अपनी कला से अलग मुकाम हासिल कर चुकी शगूफी का कहना है कि हुनर कभी महंगी चीजों का मोहताज नहीं होता। एक कलाकार अपने जुनून से कबाड़ से भी कमाल कर सकता है।जब मेयर डॉक्टर उमेश गौतम ने अपना चित्र एक छोटे से सूखे पत्ते पर देखा तो वे आश्चर्यचकित रह गए। उन्होंने आर्टिस्ट शगूफी की कला की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और आगे भी इसी तरह कार्य करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया।
डॉक्टर उमेश गौतम युवाओं के हुनर को पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देने का कार्य लगातार कर रहे हैं और उनके सपनों को उड़ान देने के लिए प्रेरित करते रहते हैं।



