बरेली। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के एक बैंक्वेट हॉल में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब रामपुर जिले की एक युवती अपने परिजनों के साथ शादी समारोह रुकवाने पहुंच गई। युवती के पहुंचते ही शादी का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया और मामला हाई वोल्टेज ड्रामे में बदल गया।
युवती का आरोप है कि शादी कर रहा राहुल नामक युवक पिछले करीब नौ वर्षों से उससे जुड़ा हुआ था। पीड़िता के अनुसार युवक ने शादी का झांसा देकर उससे शारीरिक संबंध बनाए, जो लगभग तीन वर्षों तक चलते रहे। जब इस रिश्ते की जानकारी परिवार को हुई तो युवक ने अपनी बहन की शादी संपन्न होने के बाद विवाह करने का आश्वासन दिया।
पीड़िता का कहना है कि बाद में राहुल की तहसील में बाबू के पद पर सरकारी नौकरी लग गई। नौकरी मिलने के बाद युवक का रवैया बदल गया और उसने शादी के लिए 20 लाख रुपये नकद और एक कार की मांग रख दी। मांग पूरी न होने पर उसने रिश्ता तोड़ दिया।युवती ने बताया कि फरवरी 2025 में उसने युवक के खिलाफ दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था, जो वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। आरोप है कि इसी मामले के लंबित रहते हुए युवक यहां दूसरी युवती से विवाह कर रहा था।
दूसरी ओर, लड़के पक्ष का दावा है कि न्यायालय ने मामले में युवक को निर्दोष पाया है। परिजनों का यह भी कहना है कि राहुल ने एक वर्ष पहले ही वर्तमान दुल्हन से कोर्ट मैरिज कर ली थी। वहीं, युवती का आरोप है कि युवक के मामा ने मौके पर उसके आरोपों को गलत बताते हुए उसे धमकाया।
स्थिति बिगड़ने पर शांति व्यवस्था के लिए दो पीआरबी वाहन मौके पर तैनात किए गए। काफी देर बाद चौकी इंचार्ज शिवम मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों की बात सुनी। उच्चाधिकारियों से परामर्श के बाद युवती को मौके से हटाने का निर्णय लिया गया।
आरोप है कि पुलिस ने शिकायतकर्ता युवती को जबरन गाड़ी में बैठाने का प्रयास किया। युवती सड़क पर बैठकर विरोध करने लगी, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे जबरन उठाकर वाहन में बैठा दिया और थाने ले गए। इस दौरान युवती के पिता सड़क पर गिर पड़े।

वहीं, पीड़िता की छोटी बहन ने दावा किया कि नौ वर्षों के रिश्ते से जुड़े फोटो और वीडियो युवती के मोबाइल में मौजूद हैं, बावजूद इसके आरोपी अपने प्रभाव और पैसों के दम पर खुद को बचा रहा है।




