बरेली। जानलेवा प्रतिबंधित चाइनीज मांझे से हो रही लगातार दुर्घटनाओं और मौतों को लेकर बरेली पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद प्रदेशभर में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बरेली में भी व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई। इसी क्रम में एसपी सिटी मानुष पारीक के नेतृत्व में थाना किला क्षेत्र के बाकरगंज बाजार में विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया।

इस मौके पर मौजूद एसपी सिटी मानुष पारीक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चाइनीज मांझा लोगों की जान के लिए खतरा बन चुका है और इसे बेचने या सप्लाई करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी धाराओं में कार्रवाई की जाए और बाजारों में नियमित निगरानी जारी रखी जाए।

इस अभियान में एडीएम सिटी सौरभ दुबे ,एएसपी सोनाली मिश्रा और थाना किला प्रभारी सुभाष कुमार भी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। पुलिस ने दुकानदारों को चेतावनी दी कि भविष्य में यदि कोई भी प्रतिबंधित मांझा बेचते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
चाइनीज मांझे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते मकर संक्रांति पर्व के दौरान देश में करीब 7 लोगों की जान चली गई थी। इन घटनाओं ने उस समय मीडिया और प्रशासन दोनों का ध्यान खींचा था। इसके बाद लखनऊ में चाइनीज मांझे की चपेट में आकर एक युवक की मौत हुई, जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि ऐसी घटनाओं को अब दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या की श्रेणी में माना जाएगा।
इधर, चाइनीज मांझे की अवैध बिक्री ने बरेली के पारंपरिक पतंग और मांझा कारोबार की छवि को भी नुकसान पहुंचाया है। बाकरगंज क्षेत्र में सैकड़ों कारीगर पारंपरिक और सुरक्षित मांझा तैयार करते हैं, जो देश-विदेश में अपनी पहचान रखता है। कारीगरों का कहना है कि खतरनाक चाइनीज मांझा बरेली में नहीं बनता, बल्कि नोएडा और बेंगलुरु जैसे शहरों से सप्लाई होता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि अवैध मांझे पर सख्ती हो, ताकि उनका रोजगार और प्रतिष्ठा सुरक्षित रह सके।



