बरेली। नर्सिंग छात्रा से मारपीट के बहुचर्चित मामले में शनिवार को बजरंग दल का तथाकथित कार्यकर्ता ऋषभ ठाकुर अचानक नाटकीय अंदाज़ में न्यायालय पहुंचा और सरेंडर कर दिया। कोर्ट परिसर में उसकी चाल-ढाल और बेफिक्री भरे हाव-भाव देखकर यह अंदाजा लगाना मुश्किल था कि वह किसी गंभीर आपराधिक मामले का मुख्य आरोपी है। फिलहाल कोर्ट ने आरोपी ऋषभ को जेल भेज दिया।

जानकारी के अनुसार, ऋषभ ठाकुर अपने साथियों के साथ सीधे न्यायालय पहुंचा। उससे पहले ही उसके सरेंडर की सूचना फैलते ही उसके समर्थक दामोदर दास पार्क से नारेबाजी करते हुए कचहरी तक पहुंच गए। इस बीच अपने साथियों की भीड़ से अलग होते हुए चुपचाप तरीके से कोर्ट पहुंच गया।
गौरतलब है कि 27 दिसंबर को प्रेमनगर थाना क्षेत्र स्थित डेन कैफे में नर्सिंग की छात्रा के साथ ऋषभ ठाकुर और उसके साथियों द्वारा मारपीट की गई थी। इस घटना के बाद मामला तूल पकड़ गया था। पीड़िता की तहरीर पर प्रेमनगर पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मामले में पुलिस पहले ही कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि मुख्य आरोपी ऋषभ ठाकुर घटना के बाद से फरार चल रहा था और पुलिस लगातार उसकी तलाश में दबिश दे रही थी।
शनिवार को आखिरकार ऋषभ ठाकुर अपने वकील के साथ कोर्ट नंबर-05 पहुंचा, जहां मामले की सुनवाई के दौरान उसने न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। वहीं इस प्रकरण में एक अन्य आरोपी दीपक पाठक अब भी फरार बताया जा रहा है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।
राष्ट्रीय सेवा संघ के महामंत्री सोनू ठाकुर ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि ऋषभ ने कोर्ट में जाकर आज सरेंडर किया है, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। वह सोमवार को बेल लगाएंगे आज अधिवक्ताओं का नो वर्क होने के चलते वह बेल नहीं लगा सके थे।




