जांच कमेटी ने मंडी में धान खरीद घोटाले की परतें खोलीं, किसान-व्यापारी गठजोड़ पर बड़ा खुलासा

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बहेड़ी। जिलाधिकारी द्वारा गठित विशेष जांच टीम ने कृषि उत्पादन मंडी समिति में पहुंचकर धान खरीद केंद्र की पड़ताल की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

एंटी करप्शन में शिकायत दर्ज कराने वाले किसान सुनील कुमार के दावों और मौके पर पड़ी धान की वास्तविक मात्रा में भारी अंतर मिला, जिसके बाद टीम ने किसान से कड़े सवाल-जवाब किए।

 

जांच में सामने आया कि किसान एक स्थानीय व्यापारी के साथ मिलकर अवैध धान खरीद का खेल चला रहा था, जिस व्यापारी पर पहले फायरिंग के मामले में मुकदमा भी दर्ज हो चुका है।मंगलवार को तहसीलदार भानु प्रताप, एडीसीओ और मंडी समिति सचिव जांच के लिए मंडी यार्ड पहुंचे। यहां किसान सुनील कुमार की ओर से लाए गए धान की मात्रा की जब पड़ताल की गई तो सत्यापित पंजीकरण में मात्र 2 कुंतल 98 किलो धान दर्ज मिला, जबकि मौके पर लगभग 100 कुंतल धान पाया गया।

टीम के सवालों पर किसान पहले इसे अपने खेत का धान बताता रहा, लेकिन जमीन का रकबा 100 कुंतल उत्पादन के मुकाबले बेहद कम पाया गया।अब टीम जल्द ही राजस्व विभाग के साथ गांव में जाकर खेत का मुआयना करेगी। जांच टीम व्यापारी की पहचान भी कर चुकी है, जिसके इशारे पर किसान कथित रूप से धान खरीद-बिक्री का अवैध कारोबार कर रहा था।

टीम ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसान और व्यापारी दोनों की मिलीभगत साबित हुई तो दोनों पर एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।यह पूरा मामला मंडी क्षेत्र में धान खरीद की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

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Author: newsvoxindia

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