एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में साइबर क्राइम जागरूकता कार्यशाला का आयोजन
बरेली। एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को साइबर क्राइम जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें एसपी सिटी मानुष पारीक ने मेडिकल विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा से जुड़े एहतियाती उपाय बताए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स का इस्तेमाल जरूर करें, लेकिन ध्यान रखें कि ये सोशल मीडिया हमारा इस्तेमाल न करें। फ्री प्लेटफार्म्स हमारे डेटा और प्रोफाइल से ही चल रहे हैं, इसलिए हमें अपनी प्राइवेसी को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है।

एसपी सिटी ने कहा कि सोशल मीडिया पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी या गतिविधियां सार्वजनिक न करें। अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से बचें, किसी भी अज्ञात व्यक्ति की वीडियो कॉल न लें और सार्वजनिक वाई-फाई से परहेज करें। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी पिग बुचरिंग, साइबर बुलिंग, साइबर स्टॉकिंग, डिजिटल अरेस्ट और साइबर एक्सटॉर्शन जैसे अपराधों के जरिए लोगों को निशाना बनाते हैं। इनसे बचाव का सबसे बड़ा उपाय है—जागरूकता।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि सोशल मीडिया अकाउंट्स के पासवर्ड हर महीने बदलें और टू-फैक्टर वेरिफिकेशन को अपडेट रखें। अपने नाम या जन्मतिथि से पासवर्ड न बनाएं। एप डाउनलोड करते समय ऐप को मोबाइल की गैलरी, कैमरा या माइक की फुल एक्सेस न दें। रात में वाई-फाई और इंटरनेट बंद कर मोबाइल को स्विच ऑफ करना बेहतर रहता है।
मानुष पारीक ने कहा कि अगर कोई साइबर अपराध हो जाए तो 24 घंटे के अंदर हेल्पलाइन 1930 या 1090 पर शिकायत करें या वेबसाइट Cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कराएं। उन्होंने युवाओं को “सोशल मीडिया हाइजीन” अपनाने की सलाह दी — यानी अपनी खुशी, दुख या निजी बातों को सार्वजनिक मंचों पर साझा न करें।
कार्यशाला में एमबीबीएस विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। इस मौके पर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) डॉ. एम.एस. बुटोला ने एसपी सिटी का स्वागत किया और स्मृति चिह्न भेंट किया। कार्यक्रम में डीन डॉ. बिंदु गर्ग, डॉ. समता तिवारी, डीएसडब्ल्यू डॉ. क्रांति कुमार और ऑफिस सुपरिटेंडेंट विनीत शर्मा भी उपस्थित रहे।




