बरेली के मीरगंज इलाके में पीलाखार नदी में विगत सोमवार को दोपहर बाद डूबे युवक के शव को आखिरकार एनडीआरएफ टीम ने कड़ी मेहनत कर 25 घंटे बाद बरामद कर लिया। युवक के शव को देख उसके परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पीएम हेतु भेज दिया।
जनपद बरेली के मीरगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव सिंधौली निवासी दलित विरादरी के शंकर लाल का 40 वर्षीय पुत्र चंद्रसेन विगत सोमवार को गांव के समीप से होकर गुजर रही पीलाखार नदी में शौच हेतु दोपहर बाद तकरीबन साढ़े तीन बजे गया था और नदी में खिसक गया।
जिससे वह डूब गया और उसके बाद कहीं भी दिखाई नहीं दिया। चश्मदीद ग्रामीणों ने मामले की सूचना युवक के परिवार को दी तो कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंचे पुलिस और प्रशासन ने गांव एवं आसपास क्षेत्र के गोताखोरों को बुलाकर पीलाखार नदी में युवक की तलाश शुरू करा दी है। लेकिन शाम तक युवक को तलाशा नहीं जा सका।
मंगलबार को एनडीआरएफ की टीम दलबल के साथ पीलाखार नदी पर सिंधौली गांव किनारे पहुंच गयी और उन्होंने स्टीमर वोट के जरिए नदी में गांव जौनेर तक तकरीबन डेढ़ किलो मीटर दूरी तक डूबे युवक को घंटों कई राउंड लगाते हुए तलाशा।
लेकिन तकरीबन तकरीबन घटना के 25 घंटे के बाद युवक चंद्रसेन के शव को घटना स्थल से तकरीबन डेढ़ किलोमीटर दूरी पर शमशान घाट के समीप से नदी से बरामद कर लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पीएम हेतु भेज दिया। पुलिस का कहना है कि अग्रिम कार्यवाही शव के पीएम के बाद ही की जायेगी। मृतक ने अपने पीछे पत्नी व दो अविवाहित बच्चे छोड़े हैं। युवक की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।




