शाहजहांपुर। लगातार हो रही भारी बारिश से जनपद के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। गंगा और रामगंगा की सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण इलाकों में पानी भर गया है, घर डूब गए हैं और आने-जाने के रास्ते कट चुके हैं।

ऐसे संकट की घड़ी में जहां प्रशासन और स्थानीय संस्थाएं राहत कार्य में जुटी हैं, वहीं समाजसेवी संस्था एक गूंज सेवा समिति ने जरूरतमंदों तक स्टीमर के जरिए पहुंचकर मदद पहुंचाई।

संस्था की शाहजहांपुर इकाई ने तहसील जलालाबाद के करीब एक दर्जन गांवों में राहत वितरण अभियान चलाया। प्रदेशाध्यक्ष प्रति पाल सिंह ने बताया कि टीम ने पैलानी, भरतपुर, गुटेटी, इस्लामनगर, चौरा, बांसखेड़ा और बलदेवपुर सहित लगभग 600 परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाई। इनमें खाने के पैकेट, पीने का पानी और जरूरतमंदों के लिए कपड़े शामिल थे। उन्होंने कहा कि समिति का उद्देश्य केवल राहत पहुंचाना ही नहीं बल्कि समाज में सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करना भी है।
इस दौरान विशेष रूप से बच्चों और महिलाओं पर ध्यान दिया गया। छोटे बच्चों को दूध, बिस्कुट और फल उपलब्ध कराए गए, जबकि महिलाओं को कपड़े और अन्य आवश्यक सामग्री दी गई। कई परिवार ऐसे मिले जिन्हें कई दिनों से ठीक से भोजन नहीं मिला था। समिति ने उन्हें पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया ताकि भूख की समस्या कम हो सके।
गांव के लोगों ने समिति की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे संकट में छोटी से छोटी मदद भी बड़ी राहत देती है। ग्रामीणों ने टीम को आशीर्वाद दिया और कहा कि उनकी सेवा को वे जीवनभर याद रखेंगे।
प्रदेशाध्यक्ष ने जिले के अन्य सामाजिक संगठनों और सक्षम लोगों से भी अपील की कि वे आगे आकर बाढ़ पीड़ितों की मदद करें, क्योंकि अकेले कोई संस्था या प्रशासन इतने बड़े संकट से नहीं निपट सकता। समिति ने प्रशासन से भी अस्थायी कैंप, स्वास्थ्य सुविधाएं और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करने की मांग की।
इस सेवा अभियान में जिला अध्यक्ष शरदेंदु सिंह चौहान, जिला कोषाध्यक्ष शाकेंद्र सिंह, जिला उपाध्यक्ष आर्यन जश, भारतेंदु सिंह, सजींव राठौर, हेमंत कुमार, गौरव सिंह सहित कई कार्यकर्ता सक्रिय रूप से शामिल रहे।




