हम बदल गए क्या आप भी बदलोगे , किन्नर ने नाच गाना छोड़कर पकड़ी नई राह

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भीम मनोहर 

बरेली : आपने अपनी टीवी पर एक नामी गिरामी चाय पत्ती के विज्ञापन को देखा होगा जहां एक किन्नर बरसात के मौसम में ट्रेफिक में फंसी बुजुर्ग को महिला को चाय वाला किन्नर ना केवल फ्री में चाय पीने की पेशकश करता है | वही बुजुर्ग महिला पहले तो यह कहकर अपनी परेशानी महसूस कराती है यह भी ना  किन्नर , लेकिन किन्नर ट्रेफिक में परेशान लोगों को चाय पिलाने की बात कहकर बुजुर्ग महिला का दिल जीत लेता है | बदले में बुजुर्ग महिला किन्नर के सिर पर हाथ रख आर्शीवाद देती है | दरसल यह  एक चाय पत्ती का विज्ञापन था और विज्ञापन बनाने वाले  ने मार्मिक रेखा खींचकर दूर तक बात कहने की कोशिश की थी | उसने कभी यह भी नहीं सोचा होगा कि इस विज्ञापन जैसे बदलाव कभी असल जिंदगी में देखने को मिलेगा  |

बरेली में कुछ ऐसा ही बाकया देखने को मिलने लगा है जहां एक किन्नर ने अपने नाचने गाने के काम को छोड़ते  हुए अपने सहयोगी के साथ  न्यूट्रिशन की  दुकान शुरू की है | किन्नर के दुकान पर लोग आ रहे है और उसके हौसले की अफजाई भी कर रहे है |  यह न्यूट्रिशन की दुकान चलाने वाला तौफीक  उर्फ माया  किन्नर है | वह कुछ पहले तक तौफीक  उर्फ माया  लोगों के घर  जाकर जाकर नाच गाना करके बधाई देने का काम करता था | जब कुछ ठीक चल रहा था  इसी दौरान उसके दोस्त ने उसे बदलने को कहा और बोला की नाचने गाने की जगह कोई और काम करे | पहले तो उसे अजीब लगा बाद में माया ने अपने दोस्त की बात मानते हुए अपने बाल कटा लिए और अपना काम शुरू करने का मन बना लिया | बाद में किन्नर माया   ने लोगों के सुझाब और कुछ मित्रों के सहयोग से न्यूट्रिशन की दुकान शुरू कर दी | शुरू में लोगों ने अजीब तरीके से देखा बाद में लोग दुकान पर चढ़ने लगे अब लोग उसकी दुकान पर आते है और जरुरत की दवाएं खरीदते है |

तौफीक  उर्फ माया   किन्नर ने बताया कि पहले तो उसका काम नाचना गाना ही था , ज्यादा तर समय उसका नाचने गाने में गुजरता था | इसी दौरान उसके मित्र  सलाह दी इस काम को छोड़ दो , कुछ अच्छा काम करो ,क्योंकि  लोग पीछे  भी इस काम की बदनामी करते है | इसके बाद मुझे बात समाज आई और मैंने अपने बाल कटवाकर अपने लुक को चेंज कर दिया | फिर  मैंने साधारण जिंदगी जीने की कोशिश की है और वह अपने  संघर्ष को जारी रखा | शुरू में न्यूट्रिशन का काम शुरू किया तो  कुछ दिनों तक लोगों ने यह कहकर मजाक बनाया कि बताओ यह किन्नर अब दवा बेचेगा | कोई नहीं , अब हम डेढ़ साल से दवा बेच रहे है | कोई नया काम करोगे तो परेशानी तो आएँगी ही कोई नहीं ,

 

 

माया  समाजसेवा के क्षेत्र में भी सक्रिय 

तौफीक उर्फ माया  किन्नर न्यूट्रिशन की दुकान चलाने के साथ समाजसेवा का भी काम करता है | माया  के पास परेशान काफी परेशान लोग आते है | वह लोगों की परेशानी के मुताबिक उनकी एप्लीकेशन तैयार करवाने के साथ अधिकारियों से मिलवाने का काम करते है |मायो  का इस संबंध में कहना था कि उसे लोगों की छोटी छोटी मदद करने में ख़ुशी होती है | कोविड के दौरान वह खुद भी परेशान था फिर लोगों की हरसंभव मदद की | हालांकि मायो  का यह भी कहना था कि उसे सस्ता गल्ला छोड़कर किसी भी स्कीम का लाभ नहीं मिलता | उसने पीएम आवास के लिए आवेदन किया लेकिन वह भी उसे नहीं मिल सका |

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Author: cradmin

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