बरेली। जमीन के सौदे में फर्जी पहचान और दस्तावेजों के इस्तेमाल से लाखों रुपये की कथित ठगी के मामले में बरेली पुलिस की अपराध शाखा ने बड़ी कार्रवाई की है। बसपा सरकार में दर्जा राज्य मंत्री रहे पन्नालाल कश्यप को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक वर्ष 2023 में मुकदमा दर्ज होने के बाद से आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर था। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर 14 सितंबर को उसे मेरठ-गाजियाबाद मार्ग से दबोचा गया।

पुलिस के अनुसार नईम खान और अनिल सिंह की शिकायत पर वर्ष 2023 में थाना भुता में मुकदमा अपराध संख्या 506/23 और 508/23 दर्ज किए गए थे। आरोप था कि जमीन का सौदा कराने के नाम पर लोगों से रकम ली गई और बाद में फर्जी नाम तथा आधार कार्ड का इस्तेमाल सामने आया। दोनों मामलों की विवेचना बाद में अपराध शाखा को सौंपी गई।
जांच में सामने आया 54 लाख की ठगी का मामला
एसपी क्राइम मनीष सोनकर ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अपराध शाखा की टीम लंबे समय से मामले की जांच कर रही थी। जांच में आरोपियों द्वारा फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर जमीन के नाम पर कुल 54 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी किए जाने की बात सामने आई।
पुलिस के मुताबिक मामले के मुख्य आरोपी समेत कई अन्य सह-अभियुक्तों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। विवेचना के दौरान पन्नालाल कश्यप की भूमिका सामने आने के बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज किए गए।
मेरठ-गाजियाबाद मार्ग से हुई गिरफ्तारी
अपराध शाखा ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर 14 सितंबर को मेरठ-गाजियाबाद मार्ग स्थित परतापुर मेट्रो स्टेशन के पास पन्नालाल कश्यप को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी से जमीन के सौदों, कथित रकम के लेनदेन और मामले से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ की गई।
पुलिस के अनुसार आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, एक पर्स, दो लाइसेंस प्रमाणपत्र, एक रेडियो घड़ी और अन्य सामान बरामद किया गया है। पुलिस उसके आपराधिक इतिहास और मामले में उसकी वास्तविक भूमिका की भी जांच कर रही है।
एसपी क्राइम मनीष सोनकर के मुताबिक मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और कथित ठगी की रकम के लेनदेन से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है और विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




