
(एक्सपर्ट : पम्मी वारसी ,रोजी जैदी से बातचीत के आधार पर )
बरेली | कोरोना काल में रोजेदार ठंंडे शर्बत की जगह काढ़ा पी रहे हैं ताकि गले में खराश न हो। वही कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के चलते इस बार इफ्तार का मेन्यू भी बदला हुआ हैं जहां पहले तरह-तरह की पकौड़ी,चिप्स, शर्बत,लस्सी,दही बड़ा,छोला,फ्रूट चाट,कबाब जैसे लजीज व्यंजन बनते थे | लेकिन अब अंकुरित और इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत करने वाले पकवान बन रहे हैं। हालात को देखते हुए क्या खाएं और किन चीजाें से दूरी बनाए इसको लेकर रोजेदार जानकारो से सलाह ले रहे हैं,तली व ठंडी चीजों से परहेज कर रहे है | रमजान के महीने में लोग इबादत के बाद सबसे ज्यादा ध्यान खान-पान पर देते हैं। दोपहर बाद घरों में इफ्तारी के लिए तरह-तरह के पकवान बनने शुरू हो जाते हैं। लोग मस्जिदो में राहगीरों और मुसाफिर के लिये इफ़्तारी भेजते हैं ठीक उसी तरह पड़ोसी या रिश्तेदारों के यहां इफ्तार भेजते हैं इसलिए ज्यादातर घरों में प्रतिदिन 7 से 11 तरह के पकवाने बनते हैं। पुलाओ,बिरयानी,आलू या पनीर का पराठा,चना,सब्जियो की पकौड़ी मिर्च पकौड़ी,पनीर पकौड़ा,दाल, बेसन, प्याज, अंडा, गोभी, बैगन, केला, आलू , समोसा, चिप्स लगभग रोज ही बनते थे, लेकिन इस बार उसमें बदलाव देखने को मिल रहा है। शर्बत के साथ-साथ ठंडी चीजों से लोग पूरी तरह परहेज कर रहे हैं | जिला अस्पताल में तैनात डायटिशियन रोजी जैदी बताती है कि सामान्य तापमान की चीज खाएं, तला भुना खाने से परहेज करें,साथ ही संक्रमण से लड़ने में लहसुन, दाल चीनी, अदरक और हल्दी का प्रयोग कारगर होगा।रोजी यह भी बताती है कि जूस की जगह सूप्स और फ्रूट लेना और बेहतर होगा, नारियल पानी लेना भी अच्छा है । बॉयल्ड अंडा और विटामिन सी युक्त प्रोडक्ट लेना भी अच्छा होगा।समाजसेवी पम्मी खान वारसी ने कहते है कि सहरी व इफ्तार में संतुलित आहार लेना चाहिए । उन्होंने यह भी कहा कि सहरी व इफ्तार के समय अंकुरित अनाज, खजूर, बादाम, केला, जूस और हरी सब्जियाें का सेवन करना चाहिए। इससे आपको भूख भी कम लगेगी और एसीडिटी की भी शिकायत नहीं होगी। खजूर का सेवन जरूर करें। खजूर रसूल-ए-पाक की सुन्नत भी है और शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है।हम सभी रोज़ेदारों से कोरोना से निजात के लिये ख़ुसूसी दुआं करें ताकि दुनियाभर के लोगों को इस बीमारी से छुटकारा मिल सके।
Author: cradmin
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