खुदा मेरे गुनाह को माफ करे :  कोरोना से निजात और हिफ़ाज़त के लिये रो-रो कर मांगी दुआ,

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भीम मनोहर 


बरेली | कोरोना ने इंसानी जिंदगी को इतना प्रभावित किया है कि अब आदमी को समझ नहीं आ रहा है  कोरोना के सितम से कैसे  बचा जाये ? इसलिए आदमी ने ऊपर वाले के दरवाजे पर हाजरी लगाना शुरू कर दी है | आज कोतवाली क्षेत्र  की मस्जिद मोती में कुछ नजारा ऐसा था जहाँ नमाजियों ने अपने जाने अनजाने में किये गए गुनाहों की ऊपर वाले से माफी मांगी और कोरोना से निजात और हिफाजत के लिए इंसानी जात के लिए दुआ की | इस मौके पर हाफ़िज़ चाँद खान ने बताया कि जुमे की नमाज़ अदायगी से पहले तक़रीर की गई| चाँद ने यह भी  बताया कि आज 10 रोज़े मुकम्मल हो रहे हैं और दूसरा अशरा मग़फ़िरत का शुरू हो रहा हैं, हम सबको अपनी गलती गुनाहों से तौबा करनी चाहिए, ताकि हमारा रब हमें माफ़ कर दे और हम सबकी मग़फ़िरत हो जाये,सभी नमाज़ियों और रोज़ेदारों ने रो रो कर और गिड़गिड़ाकर रब की बारगाह में कोरोना जैसी सभी बीमारियों से दुनियाभर के लोगों को निजात दे और जो लोग इस बीमारी की गिरफ्त में आ चुके हैं उनको भी शिफ़ा दे,साथ ही जल्द से जल्द ज़रूरतमंदो की सहूलियत के लिये ज़कात और फितरा अदा करें।इसी तरह मस्जिद नोमहला के इमाम मुफ़्ती अब्दुल बाक़ी ने लोगों की मदद करने का आहवान किया।वही  बरेली हज सेवा समिति के संस्थापक पम्मी खान वारसी ने जुमे की नमाज़ के बाद नमाज़ियों से अपील करते हुऐ कहा कि मास्क का इस्तेमाल जरूर करें, एक दूसरे के सहयोगी बने रहे,साथ और सहायता ज़रूरी हैं, घरो पर रहकर इबादत करें और दुआंए मांगे।इसी तरह शहर की सभी मस्जिदों में ख़ुसूसी दुआ की गई।

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Author: cradmin

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