बरेली। किला नदी के बढ़े जलस्तर से शहर के कई इलाकों में पिछले चार दिनों से जलभराव की समस्या बनी हुई है। लाजपत नगर, त्रिवेणी कॉलोनी और केसर वाटिका के लोगों की परेशानी को देखते हुए शुक्रवार को वन एवं पर्यावरण मंत्री अरुण कुमार सक्सेना प्रभावित इलाकों में पहुंचे। उन्होंने मौके पर जलभराव की स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को जल्द राहत पहुंचाने के निर्देश दिए।

वनमंत्री ने लाजपत नगर के साथ त्रिवेणी कॉलोनी और केसर वाटिका का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि किसी भी तरह जलभराव वाले इलाकों से पानी की निकासी कराई जाए और लोगों को जल्द राहत दी जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए पानी निकालने की व्यवस्था में तेजी लाई जाए।
जलभराव के बीच स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों को देखते हुए वनमंत्री ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अधिकारियों से राहत और जल निकासी के काम में लापरवाही न बरतने को कहा।
कैसे सुधरेंगे हालात, जवाब नहीं
किला नदी का जलस्तर अब थोड़ा कम हुआ है, जिससे जलभराव से लोगों को मामूली राहत जरूर मिली है। लेकिन प्रभावित लोगों की चिंता अभी खत्म नहीं हुई है। लोगों को इंतजार है कि प्रशासन भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बनने के लिए स्थायी समाधान क्या करेगा।
स्थानीय लोगों का सवाल है कि नदी के पानी के बहाव और जलभराव की समस्या से निपटने के लिए आखिर क्या योजना है। नदी की सफाई, पानी के बहाव को नियंत्रित करने और नदी पर बने कथित अवैध पुल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल इन समस्याओं के स्थायी समाधान को लेकर तस्वीर साफ नहीं है। ऐसे में लोगों को तत्काल राहत के साथ भविष्य के लिए ठोस कार्रवाई और स्पष्ट जवाब का इंतजार है।




