बरेली। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शिया मस्जिद पर हुए आतंकी हमले के बाद बरेली में शिया समुदाय ने विरोध प्रदर्शन कर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। समुदाय के लोगों ने इस घटना को न केवल एक आतंकी वारदात बल्कि धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ सुनियोजित हिंसा करार दिया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों ने हमले में जान गंवाने वालों के प्रति शोक व्यक्त करते हुए कहा कि धार्मिक पहचान के आधार पर किसी भी समुदाय को निशाना बनाना मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। उनका कहना था कि पाकिस्तान में शिया समुदाय लंबे समय से असुरक्षा और हमलों का सामना कर रहा है, जिस पर वैश्विक समुदाय को ध्यान देना चाहिए।
शिया समाज के कलीम हैदर सैफी और जामा मस्जिद के इमाम सैय्यद हसीन हैदर नक़वी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भारत सरकार को सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि भारत इस मामले को संयुक्त राष्ट्र सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूती से उठाए और पाकिस्तान सरकार पर कूटनीतिक दबाव बनाकर वहां शिया समुदाय की सुरक्षा, न्याय और मौलिक अधिकार सुनिश्चित कराए।
प्रदर्शन में शोहेब रिजवी, वसीम अहमद, अली हुसैन, जाकिर हुसैन, जमीर रज़ा समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। समुदाय के नेताओं ने कहा कि आतंकवाद और सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ वैश्विक स्तर पर एकजुट प्रयास ही स्थायी समाधान का रास्ता खोल सकते हैं।



