
बरेली | देश में आज हिंदी पत्रकारिता दिवस बनाया जा रहा है | ऐसे में उन पत्रकारों को याद करना जरुरी है जो दुनिया की चकाचौंध से दूर रहकर अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाते है | बरेली में ऐसे ही पत्रकार है तारिक | तारिक करीब 55 सालों से मीडिया की फील्ड में है | तारिक आज भी मीडिया के उन रिपोर्टरों में शामिल है जो खुद मौके पर जाकर खबर को देखते है और लिखते है | उनके जानने वाले बताते है कि तारिक ने अपना पत्रकारिता का करियर उत्तर उजाला अखबार से शुरू किया था और अपनी बेहतरीन खबरों से कई बड़े अधिकारियो को छकाया | तारिक को अपराध की खबरों को पकड़ने महारत है | इन तमाम खूबियों के बीच उनकी सबसे खास खूबी है उनकी ईमानदारी | उनका करियर आज तक बेदाग है | वह पत्रकारिता के शुरुआत से साईकिल से चलते थे और आज भी साईकिल से रिपोर्टिंग करते देखे जा सकते है | तारिक साहब के एक बेटा भी पत्रकार है | तारिक मीडिया की फील्ड में तारिक चच्चा के नाम से जाना जाता है | तारिक कभी भी अपने जूनियर को जूनियर नहीं समझते | तारिक के पास मीडिया से जुड़े लोगो के फोन आ जाते है खबरों से जुडी तकनीकी दिक्कत को लेकर , लेकिन तारिक चच्चा पलभर में खबरों से जुड़ी दिक्कत को ख़त्म कर देते है | तारिक चच्चा कोरोना काल में भी रिपोर्टिंग बेखौफ करते देखे गए | हालाँकि वह भी कोरोना से संक्रमित हुए पर उनकी कलम की धार कम नहीं हुई | आज भी उनकी कलम का जादू जारी है | बरेली के पत्रकारिता के भीष्म तारिक चच्चा को पत्रकारिता दिवस की बहुत बहुत बधाई |




