
कमलेश शर्मा विशेष संवाददाता
शाहजहांपुर में कद्दावर नेता सपा के पूर्व मंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा का दिल्ली में इलाज के दौरान निधन हो गया। इस निधन से शाहजहांपुर जिले में शोक की लहर दौड़ गई। उनके आवास पर सुबह से स्थानीय लोग और नेता आकर भावपूर्ण श्रद्धाजली दे रहे हैं। वह 71 वर्ष के थे उनके दो बेटे और दो बेटे हैं जिसमें एक बेटे की सड़क हादसे में मौत हो चुकी है सभी बच्चे विवाहित हैं। पिछड़ा कल्याण मंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा की कैरियर की शुरुआत 1985 से हुई थी। जलालाबाद तहसील के हारगौरैया के रहने वाले राममूर्ति सिंह वर्मा 1985 में ब्लॉक प्रमुख चुने गए थे। 1989 में उन्होंने जलालाबाद से सपा से चुनाव लड़ा जहां की जनता ने उन्हें विधायक चुना था। वर्मा बिरादरी में खास पकड़ रखने वाले राममूर्ति सिंह वर्मा जलालाबाद से तीन बार विधायक रहे। 1990 में सपा से पिछड़ा कल्याण मंत्री चुने गए थे। राममूर्ति सिंह वर्मा दो बार सांसद भी रह चुके हैं। एक बार उन्होंने कांग्रेस से चुनाव लड़ कर शाहजहांपुर में अपना परचम लहराया था। वही एक बार वह सपा से सांसद रहे। वहीं दूसरी ओर एक बार उन्होंने ददरौल विधानसभा से सपा से चुनाव जीता जिसमें वह समाज कल्याण मंत्री रहे थे। पिछले 2 सालों से वह किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे। 3 मार्च को वह हालत बिगड़ने पर दिल्ली के अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे थे जहां उनका इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके निधन से स्थानीय नेता और यहां की जनता सुबह से भावपूर्ण श्रद्धांजलि दे रही है उनके निधन से यहां के लोग कद्दावर नेता की कमी को महसूस कर रहे हैं।
Author: cradmin
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