
भूपेश छिमवाल
उत्तराखंड में भारत-चीन बॉर्डर से लगी चमोली जनपद के जोशीमठ में ग्लेशियर टूटकर मलारी-सुमना सड़क पर आ गया है। ये जानकारी बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) के कमांडर कर्नल मनीष कपिल ने दी है। उन्होंने कहा कि यहां सड़क निर्माण का काम चल रहा था, लेकिन हादसे में काम कर रहे मजदूरों को नुकसान नहीं पहुंचा है। ग्लेशियर टूटने का कारण भारी बर्फबारी को माना जा रहा है। हादसे की वजह से जोशीमठ-मलारी हाईवे भी बर्फ से ढक गया है।मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा है कि नीती घाटी के सुमना में ग्लेशियर टूटने की सूचना मिली है। इस संबंध में मैंने एलर्ट जारी कर दिया है। मैं निरंतर जिला प्रशासन और बीआरओ के सम्पर्क में हूं। जिला प्रशासन को मामले की पूरी जानकारी प्राप्त करने के निर्देश दे दिए हैं। एनटीपीसी एवं अन्य परियोजनाओं में रात के समय काम रोकने के आदेश दे दिए हैं, ताकि कोई अप्रिय घटना ना होने पाये।
उत्तराखंड में 7 फरवरी को हुई थी बड़ी तबाही :
उत्तराखंड में 7 फरवरी 2021 की सुबह 10 बजे चमोली जिले के तपोवन में ग्लेशियर टूटकर ऋषिगंगा नदी में गिरा था। हादसे के बाद 75 से ज्यादा लोगों की लाश मिली थी, जबकि 150 से ऊपर लोग ऐसे थे, जिनका हादसे के बाद कोई पता नहीं चल पाया। प्रशासन ने कुछ दिन तक चली खोजबीन के बाद इन्हें भी मृत मान लिया था। नदी में ग्लेशियर गिरने से धौलीगंगा पर बन रहा एक बांध बह गया था। जो की आस पास बसने वाले कई गावों को जोड़े हुए था। तपोवन में एक प्राइवेट पावर कंपनी के ऋषिगंगा हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट और सरकारी कंपनी NTPC के प्रोजेक्ट पर भी काम चल रहा था।
Author: cradmin
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