उत्तर प्रदेश के बरेली में आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कि आजाद समाज पार्टी यूपी में जिला पंचायत चुनाव लड़ेगी और अपने ईमानदार कार्यकर्ताओं को मैदान में उतारेगी | आजाद ने यह भी कहा कि सरकार को किसी से खतरा है तो वह आजाद समाज पार्टी से है | पहले सरकार ने साजिश करके उनके कार्यक्रम की परमिसन कैंसिल कर दी | अगर सरकार को परमिसन कैंसिल करने थी तो हम पीसी करके अपना काम चला लेते और गांवों में जाकर अपने कार्यकर्ताओं से बातचीत कर लेते |चंद्रशेखर ने कहा की आने वाले समय में उनके ईमानदार कार्यकर्ता जवाब देंगे | आजाद समाज पार्टी जिला पंचायत चुनाव में अपने ईमानदार कार्यकर्ताओं को प्रत्याशी के रूप में उतारेगी | कोरोना को लेकर भी बड़ा चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि कोरोना सरकारी एजेंसी है जिस को केंद्र सरकार चला रही है कोरोना ना असम में जा रहा है ना बंगाल में जा रहा है जहां पर लगातार रोड शो खूब हो रहे हैं | सरकार पंचायत चुनाव को डिले कर सकती है | जिला पंचायत में आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता इमानदारी से काम करके अच्छा रिजल्ट देंगे जिससे 2022 का तस्वीर साफ हो जाएगी | कानून व्यवस्था को लेकर भी चंद्रशेखर ने सरकार को जमकर आड़े हाथों लिया | उन्होंने कहा कि सरकार में बैठे लोग अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं आगरा की घटना को लेकर भी भीम आर्मी चीफ ने कहा खाकी का इस्तकबाल भी खत्म हो गया है संरक्षण देने से अपराध कभी कम नहीं होता जनता सरकार से त्रस्त चुकी है 2022 में आजाद समाज पार्टी जिस सरकार में कानून का राज होगा | अगर 2022 में सरकार बनती है आजाद समाज पार्टी की तो संविधान 8 चीजों की गारंटी देता है वह लागू होगा | उनकी सरकार बनती है तो गरीबों को रोटी कपड़ा और मकान बेहतर शिक्षा और चिकित्सा मुहैया कराई जाएगी | किसानों का बिजली माफ होगी | चंद्रशेखर ने यह भी कहा सरकार तानाशाही रवैया अपना हुई है और जनता की बात नहीं सुन रही है | किसान आंदोलन को लेकर भी चंदशेखर ने बड़ा बयान दिया उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हक को लूटना चाहती है वह अपना हक चाहते हैं और 26 तारीख को उनका बंद है और हमारा पूर्ण समर्थन है उनका आंदोलन न्याय के लिए है अच्छाई के लिए है क्योंकि सरकार तो अपना भरोसा पहले ही खो चुकी है दो करोड़ रोजगार दिलाने के महंगाई से निजात दिलाने के पेट्रोल डीजल के दाम कम करने के वादे किए थे | उनकी मांग है कि सरकार किसानों की बात माने और तीनों किसान बिल वापस ले |
