बरेली । ईरान में बढ़े तनाव और हालिया हमलों के बाद हाफिजगंज थाना क्षेत्र के सैंथल कस्बे के तीन छात्रों को लेकर उनके परिवार बेहद चिंतित हैं। ये छात्र ईरान के कुम शहर में रहकर मौलवी की पढ़ाई कर रहे हैं। संपर्क में दिक्कत आने से घर वालों की बेचैनी और बढ़ गई है। परिवारों ने भारत सरकार से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें वापस लाने की मांग की है।
कस्बे के मोहल्ला बुखारपुरा के महफूज अली और सलीम हसन, तथा मोहल्ला नीमवालान के गाजी कुम में धार्मिक शिक्षा ले रहे हैं। हमले की खबर मिलते ही परिजनों ने फोन से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन इंटरनेट सेवा प्रभावित होने के कारण बात नहीं हो पा रही थी।महफूज अली के परिवार को रविवार सुबह उस समय राहत मिली जब उनका फोन आया। उन्होंने बताया कि हमला उनके रहने की जगह से दूर हुआ है और वे अपनी पत्नी व दो बेटियों के साथ सुरक्षित हैं।
सलीम हसन से भी शनिवार को बात हुई थी। उन्होंने खुद को सुरक्षित बताया था, लेकिन बाद में संपर्क टूट गया। गाजी के परिवार का कहना है कि अभी तक उनसे बात नहीं हो सकी है, जिससे चिंता बनी हुई है।परिवारों का कहना है कि हालात कब बदल जाएं, कुछ कहा नहीं जा सकता। ऐसे में उन्होंने सरकार से अपील की है कि ईरान में रह रहे भारतीय छात्रों पर नजर रखी जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित भारत लाया जाए।
बताया गया है कि सैंथल के सात अन्य छात्र इराक में भी पढ़ाई कर रहे हैं और उनसे नियमित संपर्क बना हुआ है। फिर भी ईरान की स्थिति को लेकर इन तीन छात्रों के घरों में दुआओं और इंतजार का दौर जारी है।



