किला हादसे के बाद प्रशासन की सख्ती , तीन मौतों ने जगाया सिस्टम, जोखिम वाले पेड़ों की शुरू हुई पहचान

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बरेली। किला थाना क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे ने प्रशासन को त्वरित कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। तेज रफ्तार कार के सड़क किनारे पेड़ से टकराने के कारण एक महिला सहित तीन लोगों की जान चली गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे।

हादसे के मद्देनजर वन विभाग ने सड़क से सटे पेड़ों का निरीक्षण शुरू किया। कार्रवाई के तहत तीन से चार पेड़ों को हटाया गया है, जिन्हें दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील माना गया। वनविभाग के अधिकारियों के मुताबिक घटना के बाद तत्काल सर्वे कराया गया है। जिन पेड़ों से भविष्य में दुर्घटना की आशंका है, उन्हें चिन्हित किया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर तेज रफ्तार और पर्याप्त सुरक्षा उपायों का अभाव भी हादसों की बड़ी वजह है। उनका मानना है कि चेतावनी संकेतक, स्पीड कंट्रोल व्यवस्था, रिफ्लेक्टर और सुरक्षा बैरिकेड जैसे उपाय पहले से लागू होते तो शायद इतनी बड़ी दुर्घटना टाली जा सकती थी।वहीं जौहरपुर के सामने मुख्य मार्ग पर स्थित एक बड़ा बरगद का पेड़ भी चर्चा में है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि नेशनल हाईवे और अन्य व्यस्त सड़कों का संयुक्त सर्वे कर संभावित खतरों की समय रहते पहचान की जाए।

सीओ वैभव चौधरी ने बताया कि किला थाना क्षेत्र में हुई घटना के बाद तीन से चार पेड़ हटाए गये है। साथ ही ऐसे और पेड़ भी चिह्नित किये जा रहे है जो हादसे की वजह हो सकते है।वहीं तीन जिंदगियों के नुकसान के बाद शुरू हुई यह कार्रवाई सड़क सुरक्षा के प्रति प्रशासनिक सक्रियता तो दर्शाती है, लेकिन यह भी संकेत देती है कि भविष्य में व्यापक और स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता है, ताकि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

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Author: newsvoxindia

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