सपा में जाने की अटकलों पर विराम, ब्रह्मस्वरूप सागर आजाद समाज पार्टी में शामिल, मेयर चुनाव लड़ने की चर्चाएं तेज

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बरेली की दलित राजनीति के चर्चित चेहरे ब्रह्मस्वरूप सागर ने अपनी अगली राजनीतिक पारी को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है। समाजवादी पार्टी में शामिल होने की चर्चाओं के बीच उन्होंने बड़ा फैसला लेते हुए आजाद समाज पार्टी का दामन थाम लिया है। अब उनके मेयर चुनाव लड़ने की संभावनाओं को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

सोमवार को दिल्ली स्थित आवास पर ब्रह्मस्वरूप सागर ने नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद से मुलाकात की और औपचारिक रूप से आजाद समाज पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार चित्तौड़ भी मौजूद रहे।

पिछले कुछ दिनों से बरेली में यह कयास लगाए जा रहे थे कि सागर समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकते हैं, लेकिन उन्होंने इन अटकलों को खारिज करते हुए नया राजनीतिक ठिकाना चुन लिया।

ब्रह्मस्वरूप सागर का राजनीतिक सफर काफी लंबा और प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत समाजवादी पार्टी से की थी, जिसके बाद बहुजन समाज पार्टी में जिला अध्यक्ष, मंडल कोऑर्डिनेटर और जोन इंचार्ज जैसे अहम पदों पर रहे। इसके बाद उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में प्रदेश महासचिव के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई।

सागर के इस कदम से बरेली और आसपास के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। उनके साथ सैकड़ों समर्थकों ने भी आजाद समाज पार्टी की सदस्यता ली, जिससे पार्टी को बरेली और बदायूं क्षेत्र में मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है।

इस मौके पर कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें रवि मौर्य, नेम सिंह लोधी, मुकेश सागर, मोहम्मद शाकिर, एडवोकेट राजेंद्र सागर, मोहम्मद जिब्रान, मनोज सागर, जितेंद्र कुमार, आफताब अहमद, एडवोकेट नीरज, रामकुमार और साहिब अल्वी शामिल रहे।विशेष रूप से यह भी सामने आया कि सागर को पार्टी में शामिल कराने में विकास बाबू, राजेंद्र सिंह गुर्जर, सुशील कुमार गौतम और महेंद्रपाल सागर की अहम भूमिका रही।

इस दौरान चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि ब्रह्मस्वरूप सागर के पार्टी में आने से संगठन को बरेली मंडल में नई मजबूती मिलेगी और सामाजिक न्याय की लड़ाई को और बल मिलेगा।

मेयर चुनाव पर नजर:

राजनीतिक हलकों में अब यह चर्चा भी जोरों पर है कि ब्रह्मस्वरूप सागर आगामी मेयर चुनाव में आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतर सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो बरेली की राजनीति में मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है।

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Author: newsvoxindia

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