बरेली।
छह वर्षों से नहीं लड़ा कोई चुनाव
चुनाव आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक बहुत से दलों ने वर्ष 2019 से लगातार छह वर्षों तक न तो विधानसभा और न ही लोकसभा का कोई चुनाव लड़ा है। ऐसे में इन्हें राजनीतिक दलों को मिलने वाले लाभ का अधिकार समाप्त कर दिया गया है। इससे इन दलों को चुनाव आयोग की ओर से दी जाने वाली सुविधाओं पर रोक लग जाएगी।
आईएमसी की प्रतिक्रिया
आईएमसी के वरिष्ठ नेता डॉ. नफीस खान ने कहा कि यह कार्रवाई कई ऐसी पार्टियों पर भी की गई है जिन्होंने हाल के वर्षों में चुनाव नहीं लड़ा। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग ने प्रभावित दलों को 30 सितंबर तक अपील करने का अवसर दिया है। आईएमसी जल्द ही इस फैसले के खिलाफ आयोग में अपील करेगी।
पंजीकरण रद्द होने का असर
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पंजीकरण रद्द होने से इन दलों को चुनावी चिन्ह, प्रचार सामग्री और सरकारी मान्यता से जुड़े लाभ नहीं मिलेंगे। यदि आयोग में अपील सफल नहीं हुई तो इन्हें भविष्य में पुन: पंजीकरण कराना पड़ेगा।




