मदरसा बोर्ड खत्म करने पर उठे सवाल, मौलाना बोले- यह गलत फैसला

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बरेली।उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड समाप्त करने के निर्णय को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शाहबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस कदम को गलत बताते हुए कहा कि इससे समाज में गलत संदेश जा सकता है।
मौलाना का कहना है कि मदरसों ने देश की आजादी में अहम भूमिका निभाई है। कई उलेमा और छात्र स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल हुए और अपनी कुर्बानी दी। ऐसे संस्थानों पर सवाल उठाना ठीक नहीं है।

उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बयान पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि बिना पूरी जानकारी के मदरसों को लेकर नकारात्मक बातें कहना उचित नहीं है। सरकार को शिक्षा व्यवस्था सुधारने पर ध्यान देना चाहिए, न कि संस्थानों को बदनाम करना चाहिए।

मौलाना ने यह भी कहा कि राज्य में कुछ मदरसों को बंद किए जाने से लोगों में चिंता है और इससे धार्मिक शिक्षा प्रभावित हो सकती है।

सरकार का पक्ष:
वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि यह फैसला शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। उन्होंने बताया कि 1 जुलाई 2026 से सभी संस्थानों में समान पाठ्यक्रम लागू करने की योजना है, ताकि बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ा जा सके। साथ ही, अवैध रूप से चल रहे मदरसों पर कार्रवाई को जरूरी बताया गया है।

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Author: newsvoxindia

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