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स्पेशल रिपोर्ट : मां पाकिस्तानी तो बेटी की नियुक्ति  भारत में कैसे हो गई , इस सवाल से शिक्षिका की नौकरी पर तलवार लटकी !

 

यूपी के बरेली में एक ऐसा मामला सामने आया है जहां एक पाकिस्तानी महिला को भारत की नागरिकता दिखाकर  शिक्षिका की नौकरी लेने  का आरोप लगा है।  शिक्षिका की मां की शादी वर्ष 1979 में पाकिस्तान युवक से हुई थी और शादी के दो साल बाद तलाक भी हो गया।  महिला के अपने पाकिस्तानी पति से दो संताने हुई है जिसमें  यह शिक्षिका भी है।  तलाक के बाद महिला अपने दोनों बच्चों को लेकर भारत आ गई और उसने पाकिस्तान पासपोर्ट पर भारत का वीजा प्राप्त कर लिया।  हालांकि शिक्षिका की मां को पाकिस्तानी युवक से शादी करते ही पाकिस्तान की नागरिकता मिल गई थी। शिक्षा विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षिका को निलंबित कर देने के साथ एसडीएम रामपुर को मूल निवास प्रमाण पत्र के मामले में कार्रवाई कर  अवगत कराने को कहा है। वर्तमान में महिला शिक्षक  फतेहगंज पश्चिमी के गांव माधोपुर में बच्चों को शिक्षा देने का काम कर रही थी।  स्थानीय स्तर से मिली जानकारी के मुताबिक शिक्षिका 2011  में 72 हजार शिक्षक भर्ती में लगी थी।
 कौन है यह  शिक्षिका : 
रामपुर के मोहल्ला आतिशबाजान की  शिक्षिका  शुमायाला खान  की मां फरजाना उर्फ़ माहिरा ने पाकिस्तानी युवक सिबगत अली से शादी की थी।  युवक ने शादी के तुरंत बाद से फरजाना को परेशान करना शुरू कर दिया।  परेशान होकर शादी के दो साल बाद फरजान ने अपने पति से तलाक ले लिया और हिंदुस्तान वापस आ गई।  वह हिंदुस्तान आकर रामपुर अपनी बेटी शुमायला खान व आलिमा के साथ रहने लगी। बताया जाता है कि फरजाना वीजा की अवधि ख़त्म होने के बाद वापस नहीं लौटी इसके बाद एलआईयू ने 1983 में मुकदमा दर्ज करा दिया। वर्ष 1985 में सीजीएम कोर्ट ने महिला को इस मामले में सजा भी सुनाई।  इसी दौरान  माहिरा को वर्ष 1992 में शिक्षा विभाग में नौकरी मिल गई। जब शासन ने मामले की संज्ञान में लिए तो महिला को तत्व छिपाने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया।  जानकार बताते है इसके बावजूद माहिरा को फिर बहाली मिल गई। कुछ साल पहले महिला की बेटी शुमायाला खान को शिक्षा विभाग में नौकरी मिल गई।  हाल  में यह मामला फिर चर्चा में तब आया जब एसपी रामपुर ने बीएसए बरेली को पत्र लिखकर शुमायाला खान के बारे में जाँच कराई।  वही रामपुर में भी माहिरा के मामले में जाँच हुई इसके बाद माहिरा की सेवाएं समाप्त कर दी।
एसपी रामपुर के पत्र पर बरेली में शिक्षिका पर हुई कार्रवाई 
एडी बेसिक गिरवाए सिंह ने बताया कि उन्हें बीएसए विनय कुमार ने बताया कि एक महिला रामपुर की थी उसकी शादी पाकिस्तान में हुई थी। महिला को उसके पति द्वारा प्रताड़ित किया जाता था। बाद में महिला के दो बच्चे हो गए। महिला फर्जी पासपोर्ट व दस्तावेज बनवाकर भारत वापस आ गई थी और रामपुर रहने लगी। उसने शिक्षा विभाग में नौकरी भी की थी लेकिन उसे रामपुर में बर्खास्त कर दिया गया था।  महिला की दो बेटियों में से  एक शुमायाला खान  की 72 हजार शिक्षक भर्ती में नौकरी लग गई थी। हालांकि  कमेटी ने शुमायाला खान के अभिलेख सही पाए थे इस वजह से उसे नौकरी मिल गई थी। एसपी रामपुर ने बीएसए बरेली को एक पत्र लिखा जिसमें उनकी मां जो पाकिस्तान में थी उसका जिक्र किया गया। जिसमें कहा गया जब महिला की मां पाकिस्तान की है तो उसकी बेटी की नियुक्ति यहां कैसे हुई। इसके बाद बीएसए ने मामले की जांच की और पाया की बाकिये में शिक्षिका की मां पाकिस्तान की है। महिला को बुलाया गया उसका सारा रिकॉर्ड देखा गया , तो उस प्रथम दृस्टि में पाकिस्तान नागरिक मानकर निलंबित कर दिया गया।
एसडीएम द्वारा मूल निवास निरस्त की कार्रवाई होते जाएगी सरकारी नौकरी :
शिक्षिका के अभिलेखों में उसका मूल निवास रामपुर का है।  उसके मूलनिवास की वजह से शिक्षिका की बर्खास्तगी नहीं हुई है।  बीएसए द्वारा एसडीएम को लिखा गया है कि जैसे ही एसडीएम द्वारा शिक्षिका का मूल निवास प्रमाण पत्र निरस्त होता है तो शिक्षिका की सेवाएं समाप्त कर दी जाएँगी।  महिला पर मुकदमा भी दर्ज कराए जाने के साथ महिला पर रिकवरी भी कार्रवाई कराये जाएगी।  महिला ने शिक्षा विभाग के साथ छल कपट किया है।

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