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शाही का हेमलता हत्याकांड : पुलिस ने पति और उसके दोस्त को गिरफ्तार करके हत्याकांड का किया खुलासा

  • पत्नी के गर्भवती होने के बाद पति पत्नी पर और ज्यादा करने लगा था शक
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  • फतेहगंज पुलिस ने एसओजी के साथ मिलकर घटना का किया खुलासा
  • पति पुलिस के सामने मासूम बनकर बचने की करते रहा कोशिश
आदर्श 
बरेली। शाही थाना क्षेत्र में हेमलता चर्चित केस का पुलिस ने महिला के पति और उसके दोस्त को गिरफ्तार करके मामले का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्यारोपी के पास से लुट के सामान (एक जोडी पैरो की पाजेब सफेद धात् व एक तगडी (कौंधनी) सफेद धात व दो  मोबाइल (अलग-2 कम्पन्नी के) आला कत्ल एक अवैध तंमचा 315 बोर मय दो कारतूस 315 बोर को बरामद किया ।
जानकारी के मुताबिक थाना शाही पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने बीते दिन ग्राम आनंदपुर बाजार के पास राधाकृष्ण सत्संग भवन के पास से मृतिका श्रीमती हेमलता के पति अभियुक्तगण  राजकुमार पुत्र मदनलाल नि० बकैनिया वीरपुर थाना-शाही जनपद बरेली उम्र- 25 वर्ष ,  रामबहादुर पुत्र मिहीलाल नि० ग्राम बकैनिया वीरपुर थाना शाही बरेली उम्र करीब 24 वर्ष को कारण गिरफ्तारी किया गया ।
घटना के दोनों हत्यारोपी
हत्यारोपियों  ने लूट की घटना बताकर  पुलिस को गुमराह करने की थी कोशिश
14 मई को मृतका के पिता एवं वादी हरीश कुमार पिता मोरपाल निवासी ग्राम मल्सा खेडा थाना शीशगढ जिला बरेली के द्वारा दिये गये प्रार्थना पत्र के आधार पर वादी के दामाद राजकुमार पुत्र मदन लाल नि० ग्राम बकैनिया वीरपुर थाना शाही बरेली की मोटर साईकिल को अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अपनी मोटर साईकिल सामने अड़ा देना एंव वादी की पुत्री के साथ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा लूट पाट करना तथा इसका विरोध करने पर अज्ञात व्यक्तियो द्वारा उनकी बेटी को गोली मार देने के कारण मृत्यु हो जाना तथा दामाद को तमंचे की बट से घायल करने देने के सम्बन्ध में रिपोर्ट दर्ज की थी। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
 राजकुमार पत्नी पर करता था शक

अभियुक्त राजकुमार अपनी पत्नी हेमलता पर शक करता था। इसी शक की वजह से वह हेमलता को उसके परिजनों व रिश्तेदारों से फोन पर बात नहीं  करने देता था । वह  समय समय पर मृतिका  हेमलता के साथ मारपीट भी किया करता था , जिसके चलते वह  हेमलता को फोन भी नहीं देता था।और न ही किसी से बात करने देता था । हेमवती  के गर्भवती होने पर भी शक करने के कारण अभियुक्त राजकुमार ने  अपनी पत्नी हेमलता की गोली मारकर हत्या कर दी व अपने  दोस्त रामबहादुर के साथ मिलकर लूट की झूठी कहानी बनाकर पुलिस को गुमराह करने की  कोशिश कर रहा था।

फ़ोटो में मृतक महिला का हत्यारोपी पति राजकुमार
रील बनाने का शौक हेमवती को पड़ा भारी
हत्यारोपी राजकुमार ने पुलिस को बताया कि उसकी  शादी हेमलता से मई 2023 में धूमधाम से हुई थी शुरू में तो कुछ दिनों तक हम दोनों के संबंध अच्छे रहे। किंतु उसकी पत्नी मोबाइल से बहुत ज्यादा बाते करती थी एवं रील बनाने की भी शौकीन थी। जबकि वह इस बात को पसंद नहीं करता था। इसी बात को लेकर कई बार मेरा उससे मारपीट व झगडा हुआ था ।  कुछ महीने पहले मैंने उसको बहनोई से बात करते हुए पकड लिया था। काफी वाद विवाद हुआ था। जिसके बाद उसने वादा किया था कि वो अब बात नहीं करेगी। किन्तु जब मैं घर से बाहर रहता था वह चोरी छुपे बात कर लेती थी । एक बार तो उसने  गुस्से में आकर उसने अपना मोबाइल तोड दिया था और  उसका मोबाइल लेकर व अपना सिम लगाकर प्रयोग करने लगा  था।
पति -पत्नी के विवाद में मायके में रही थी हेमलता 
पति पत्नी के विवाद के कारण हेमलता कुछ  महीनों तक अपने  मायके में रही। पिछले डेढ़ माह पहले जब उसे यह जानकारी हुई कि उसकी पत्नी गर्भवती है तो उसने उसकी जांच कराई थी। उसके गर्भवती होने के बाद उसका शक और गहरा हो गया था कि शायद उसके पेट में उसका बच्चा नहीं है।और वह काफी तनाव में रहने लगा इस बात का जिक्र उसने अपने  दोस्त रामबहादुर से किया तो उसने मुझे समझाया तब से वह काफी सतर्क रहने लगा और अपनी पत्नी पर पाबंदी व निगरानी रखने लगा । घटना से 10-12 दिन पहले उसकी पत्नी से पुनः विवाद व मारपीट हुई थी किन्तु यह बात मोबाइल मेरे पास होने के कारण मायके में नहीं पहुंची। किंतु पता नहीं कैसे मायके वालों को जानकारी हो गई तो हेमलता की मां ने उसे उल्हाना दिया व बेटी को ठीक ठाक से रखने के लिए कहा। वह  अपनी पत्नी से व उसके मायके वालो से तंग आ गया था। तथा अन्दर ही अन्दर घुटने लगा और फिर  उसने अपनी पत्नी को रास्ते से हटाने के लिए योजना बनाई।
घटना को अंजाम देने के लिए खरीदा तमंचा 
राजकुमार ने  मिर्च लादने एवं बेचने से कुछ पैसा इक्ट्ठा कर एक तमंचा व दो कारतूस खरीदा । और अपनी पत्नी को विश्वास में लेने के लिए उसके साथ बहुत अच्छा व्यवहार करने लगा। वह जो कहती  उसको पूरा करता घटना से एक दिन पहले उसने अपनी पत्नी को उसकी इच्छा से मायके व उसकी मौसी के यहा घुमाने ले गया खिलाया, चूडी पहनवाई  एवं घटना के दिन ऐसे समय से घर के लिए चला कि कुछ रात हो जाए जव वह दुनका पहुंचा तो थोडा थोडा अंधेरा  हो गया था। वह  अपनी पत्नी को मोटरसाइकिल से लेकर दुनका से अपने गाँव के लिए मुडकर गाँव से पहले पुलिया के पास से बायी तरफ कच्चे रास्ते पर चल दिया। उसकी  पत्नी ने पूछा इधर से क्यो चल रहे हो तो उसने बताया कि अपने मिर्च के खेतो में घूमने चलेंगे। कच्चे रास्ते पर ही मोटरसाइकिल खाली खेत में स्टैंड के सहारे खड़ी कर उसके पेट में पल रहे बच्चे के बारे में पूछने पर बहस शुरू हो गई और मैंने गुस्से में मोटरसाइकिल की डिग्गी से कपड़े में लिपटा कर रखे लोड तमंचे को निकालकर सीधे उसके सीने में गोली मार दी। वो वही पीछे की तरफ हाथ का सहारा लेकर गिर गई तथा तड़पने लगी तब मैंने दूसरा कारतूस भरकर गर्दन से सटाकर गोली मार दी तब वह बिल्कुल शांत हो गई। जब वह मर गई तो उसने  सबसे पहले अपने दोस्त रामबहादुर को बुलाया वह तुरंत मौके पर आ गया और वह उसकी  पत्नी की लाश देखकर घबरा गया तब  उसने रोकर अपने दोस्त से कहा अब तो वह  फंस जाएगा।किसी तरह मुझे बचाओ कि तब उसके  दोस्त ने कहा कि घबराओ मत में कुछ करता हूँ।और फिर उसने लात मारकर मोटरसाईकिल गिरा दी और उसकी पत्नी के दोनो पाँव के पायल व कमर में पहनी तगडी को निकाल लिया।तथा उसके  एक पैर का जूता उठाकर दूसरी तरफ फेंक दिया और उसने अपनी  पत्नी का पर्स भी मौके पर ही छोड दिया था ताकि सब लोग लूट का ही शक करें। मेरा हाथ पकडकर तमंचा तथा एक खोखा कारतूस जो नीचे गिरा था मोबाइल की रोशनी में उठाकर खेत से दूर जाकर मेड में लगे लिपटिस के पेड के नीचे जड में सूखे पत्तो के नीचे छिपा दिया। तथा वहीं से उसने अपने दोस्त के नंबर पर जान बूझकर कई बार काल किया और गाँव में भी काल करके बताया कि 04 लुटेरों ने लूट करने में मेरी पत्नी को गोली मार दी है।
ग्रामीणों को फर्जी कहानी सुनाकर लिया  अपने पक्ष में 
घटना की सुचना पाकर गाँव के कई लोग मोटरसाइकिल व पैदल मौके पर दौड़कर आ गए तब वह और उसका दोस्त रामबहादुर खेतों के रास्ते मौके पर आ गया , तब उसने  रोने व बेहोश होने का नाटक कर खुद को गंभीर चोट लगने का बहाना बनाया।तब रामबहादुर व ग्राम प्रधान आदि उसे  लेकर हास्पिटल मंगलम धनेटा पर गये किन्तु वहां डाक्टर ने पुलिस केस होने के कारण व मुझे चोट न होने के कारणउसे  वापस कर दिया गया।  वहीं रामबहादुर ने उसका  साथ देते हुए इलाज  के लिए बरेली ले गया।  वहाँ पर चौकी चौराहे के पास एक डाक्टर को दिखाया वहां भी डाक्टर ने कोई चोट न होने के कारण वापस कर दिया।  तब वह काफी रात्रि को गाँव में फिर अपनी पत्नी की लाश के पास आ गया। यहां आकर भी उसने  पुलिस व अन्य गाँव वालो को वही लूट वाली झूठी कहानी बताई ।

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