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Exclusive : सर्दियों में आपके दिल को हो सकता है खतरा, यह लक्षण हो तो अपने डॉक्टर से करें संपर्क 

दिल्ली।  भारत में हार्ट से जुड़ी बीमारियों की बढ़ती संख्या और इसके साथ ही हो रही मौतों को लेकर गहरी चिंता हो रही है। सर्दियों के सीजन के आने से हार्ट डिजीज का खतरा भी बढ़ जाता है। तापमान में गिरावट के साथ ही शरीर की ऊर्जा की मांग बढ़ती है, जिसके परिणामस्वरूप लोगों की आदतें बदलती हैं, वे जंक फूड पसंद करते हैं और फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है, जिससे वजन बढ़ता है और दिल से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ग्रेटर नोएडा में कार्डियोलॉजी के डॉक्टर दीपांकर वत्स ने इस विषय पर विस्तार से जानकारी दी “सर्दियों के मौसम में, जो लोग पहले से ही हार्ट डिजीज से पीड़ित हैं, उन्हें तत्काल डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इस सीज़न में, हार्ट संबंधित समस्याएं किसी को भी प्रभावित कर सकती हैं, लेकिन जो लोग पहले से ही किसी न किसी हार्ट डिजीज से ग्रसित हैं, उन्हें तत्काल डॉक्टर से मिलकर अपने स्वास्थ्य की निगरानी रखनी चाहिए।“

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नोट : सभी डॉक्टर स्वास्थ्य से जुड़े अपने आर्टिकल इस नंबर पर 09359139815 पर व्हाट्सअप करने के साथ इसी नंबर पर संपर्क भी कर सकते है। 

 


इस मौसम में हार्ट पर क्यों पड़ता है असर:
1. वाहिकाओं का सिकुड़ना: तापमान में गिरावट के कारण रक्त वाहिकाओं का सिकुड़ना हो सकता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और हार्ट पर दबाव पड़ सकता है।
2. खाने-पीने की गलत आदतें: सर्दी में अधिक खाना खाना, कैलोरी इंटेक्स बढ़ाना और वजन में वृद्धि करना हार्ट के लिए अच्छा नहीं है।
3. शराब का अधिक सेवन: सर्दी के मौसम में शराब की सेवन में वृद्धि हो सकती है, जिससे हार्ट से संबंधित समस्याएं बढ़ सकती हैं।
4. सांस से जुड़े इंफेक्शन: सर्दी के मौसम में सांस से जुड़े इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है, जो हार्ट अटैक के लिए रिस्क बढ़ा सकता है।

 

 


दिल से जुड़ी समस्याओं के लक्षणों की पहचान बहुत महत्वपूर्ण है। सीने में दर्द, धकधक और असामान्य सांस की परेशानी जैसे लक्षणों को ध्यानपूर्वक लेकर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
हार्ट अटैक के मैकेनिज्म के बारे में बताते हुए डॉक्टर दीपांकर ने कहा, “जब कोई धमनी तेजी से क्लॉट से ब्लॉक हो जाती है, तो दिल के किसी हिस्से तक ब्लड फ्लो रुक जाता है, जिससे हार्ट अटैक हो सकता है। इस परिस्थिति में, समय पर डायग्नोसिस होना अत्यंत महत्वपूर्ण है ताकि उचित इलाज कराया जा सके और मरीज को सही समय पर मदद मिल सके। समय पर मिलने वाला इलाज हार्ट फंक्शन को सही कर सकता है और मरीज की जीवन संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

 

हार्ट स्वास्थ्य की रक्षा के लिए यहां दी गई सावधानियों का पालन करना आवश्यक हैI
1. वजन संतुलित रखें: कम कैलोरी फूड, शुगर और मिठाई से बचें और नियमित रूप से एक्सरसाइज करें।
2. रेगुलर एक्सरसाइज: कम से कम 15-30 मिनट डेली वॉक करें और नियमित फिजिकल एक्टिविटी करें।
3. लाइफस्टाइल में बदलाव: शराब और स्मोकिंग से बचें, अधिक पानी पिएं और गर्म कपड़े पहनें।
4. ब्लड प्रेशर: ब्लड प्रेशर की निगरानी रखें और उचित दवाओं का सेवन करें।
डॉक्टरों का कहना है कि लाइफस्टाइल में ये बदलाव सही दिशा में एक कदम है जो हमें अपने दिल की रक्षा के लिए उठाना चाहिए।

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