बरेली। आंवला लोकसभा क्षेत्र से सांसद Neeraj Maurya ने कहा है कि वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है। उनका दावा है कि वर्ष 2024 से ही बदलाव के संकेत दिखाई देने लगे हैं और आने वाले समय में जनता इसका स्पष्ट संदेश देगी। वहीं नीरज मौर्या ने जिले में पीएम केयर फंड से एक हजार वेंटिलेटर आने की बात कही, जिसका जिले में अता पता नहीं है, हालांकि उन्होंने कहा कि जल्द वह इस संबंध में मीडिया को बताएंगे।
सांसद ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए बरेली में एम्स की स्थापना न होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यदि जिले में एम्स बनता तो आसपास के जिलों के मरीजों को बेहतर और सुलभ उपचार की सुविधा मिलती। उनके मुताबिक क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए बड़े चिकित्सा संस्थान की लंबे समय से जरूरत है।

उन्होंने यह भी कहा कि उनके प्रयास से क्षेत्र की एक बंद रेलगाड़ी दोबारा शुरू कराई गई, जबकि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित है। उनका आरोप है कि विकास के नाम पर वादे ज्यादा और जमीनी काम कम हो रहा है।आंवला क्षेत्र की एक गौशाला में 25 गौवंशों की मौत पर सांसद ने चिंता जताई और इसे प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। साथ ही कैबिनेट मंत्री Dharmapal Singh के क्षेत्र में अव्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए।सांसद ने भमोरा मुख्य मार्ग को चार लेन किए जाने की मांग दोहराई। उनका कहना है कि इससे यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने की आवश्यकता जताई और किसी भी प्रकार की कटौती को अनुचित बताया।
बुलडोजर कार्रवाई पर उन्होंने कहा कि बिना नोटिस किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए और कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से जुड़े कानून पर उन्होंने कहा कि इस मामले में न्यायालय की रोक के बाद सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए।
किसानों की समस्याओं, बेरोजगारी और महंगाई को उन्होंने प्रमुख मुद्दा बताते हुए कहा कि खाद की कमी और रोजगार के अवसरों की कमी से लोग परेशान हैं। पंचायत और विधानसभा चुनावों में मतदाता सूची को लेकर भ्रम की स्थिति का उल्लेख करते हुए उन्होंने एक देश, एक मतदाता व्यवस्था लागू करने की वकालत की।
पॉक्सो विशेष न्यायालय के आदेश पर Swami Avimukteshwaranand और उनके शिष्य Mukundanand Brahmachari के खिलाफ दर्ज मामले पर सांसद ने निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि वह संबंधित व्यक्तियों को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख Mohan Bhagwat के आरक्षण संबंधी बयान पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस विषय से पहले भी उनके विभिन्न मत सामने आ चुके हैं। क्या कुछ हुआ ।
बता दें कि सांसद नीरज मौर्या सर्किट हाउस में पत्रकारों से वार्ता करने पहुंचे थे। वार्ता के दौरान मोंटी शुक्ला सहित कई सपा के नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।



