मुकेश सिंह,
बरेली। शहर में आज एक ऐतिहासिक और सौहार्दपूर्ण माहौल के बीच मौलाना शाहबुद्दीन रज़वी की बहुप्रतीक्षित पुस्तक “तारीख़-ए-इस्लाम मुकम्मल” का भव्य विमोचन सम्पन्न हुआ। यह कार्यक्रम न सिर्फ साहित्यिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सामाजिक एकता और धार्मिक सौहार्द के लिहाज से भी खास रहा ।
विमोचन समारोह में बरेली के मेयर डॉ. उमेश गौतम बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने मौलाना शाहबुद्दीन को इस उल्लेखनीय कृति के लिए बधाई दी और कहा, “यह पुस्तक सिर्फ इस्लाम के इतिहास का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि भाईचारे और इंसानियत का पैग़ाम है। इसे उर्दू के साथ-साथ जल्द ही हिंदी और अंग्रेज़ी में भी प्रकाशित किया जाएगा, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग इससे लाभान्वित हो सकें।”
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। शहर के प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और व्यापारियों ने मौलाना को मंच पर सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया।
मौलाना शाहबुद्दीन रज़वी ने अपने संबोधन में कहा कि “इस पुस्तक का उद्देश्य मजहब नहीं, बल्कि इतिहास के जरिये इंसानियत का संदेश देना है। जब समाज में समझ बढ़ती है, तो नफरतें खुद-ब-खुद खत्म होती हैं।”
कार्यक्रम में गंगा-जमुनी तहज़ीब की झलक साफ़ दिखाई दी, जहां हर धर्म, जाति और समुदाय के लोगों ने एक साथ खड़े होकर ज्ञान और मानवता की इस अलख को सलाम किया।




