बरेली।सीबीगंज इलाके में हुआ सड़क हादसा अब एक गंभीर आपराधिक मामले के रूप में सामने आया है। जो घटना पहले सामान्य दुर्घटना लग रही थी, उसकी जांच में प्रेम संबंध, रंजिश और अपहरण की पूरी कहानी निकलकर सामने आई है। इस घटनाक्रम ने यह दिखा दिया कि गलत इरादे से उठाया गया कदम कई जिंदगियां खत्म कर सकता है।

बीते रविवार को सीबीगंज थाना क्षेत्र के बड़े बाईपास पर खड़े टैंकर से टकराई बुलेरो कार के मामले में एसपी सिटी मानुष पारिक ने खुलासा करते हुए बताया कि यह केवल हादसा नहीं था, बल्कि इसके पीछे अपहरण की योजना जुड़ी हुई थी।पुलिस जांच में पता चला कि मनमोहन, जो फरीदपुर निवासी नत्थू का बेटा था, वह मनोज की बहन की बेटी से प्रेम करता था। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन मनोज इस रिश्ते के खिलाफ था। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ता गया और मामला साजिश तक पहुंच गया।

बताया गया कि मनमोहन ने अपने साथियों सिकंदर, विशेष यादव और चालक प्रिंस के साथ मिलकर मनोज और उसके दो बच्चों को अपने कब्जे में ले लिया। उनका इरादा मनोज को रास्ते से हटाने और बच्चों को फरीदपुर से दिल्ली हाईवे की ओर कहीं ले जाने का था।घटना वाले दिन बुलेरो में छह लोग सवार थे। तेज रफ्तार के कारण गाड़ी अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे खड़े टैंकर में पीछे से टकरा गई।
टक्कर इतनी तेज थी कि तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाद में मृतकों की संख्या पांच हो गई।इस हादसे में मनमोहन, सिकंदर और विशेष यादव की जान चली गई, जिन्हें इस पूरे मामले में मुख्य रूप से शामिल माना जा रहा है।
वहीं चालक प्रिंस और दोनों बच्चे घायल हो गए, जिनका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। इसके अलावा हादसे की चपेट में आए बाइक सवार साहबजादा और मुमताज की भी मौत हो गई।
मामले का खुलासा तब हुआ जब घायल चालक प्रिंस से पूछताछ की गई। उसने सही जानकारी देने से बचने की कोशिश की, जिससे पुलिस को शक हुआ। इसके बाद वाहन की जानकारी निकाली गई, जिसमें पता चला कि बुलेरो नत्थू की है। पुलिस जब उसके घर पहुंची तो वहां से मनोज को सुरक्षित बरामद कर लिया गया और पूरी घटना स्पष्ट हो गई।
जांच में यह भी सामने आया कि मनोज मूल रूप से फरीदपुर का रहने वाला है और फिलहाल अपने परिवार के साथ हरियाणा के गुरुग्राम में रह रहा था। उसकी पत्नी ने चार अप्रैल 2026 को गुरुग्राम के थाना डी-1 में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
फिलहाल पुलिस ने चालक प्रिंस और नत्थू को हिरासत में लिया है। हरियाणा पुलिस भी बरेली पहुंचकर मामले की जांच में सहयोग कर रही है।यह पूरा मामला बताता है कि जब निजी विवाद अपराध में बदल जाता है, तो उसका परिणाम बेहद खतरनाक हो सकता है।


