बरेली में अधिवक्ता महजबीन की हत्या के मामले में पति और सास की गिरफ्तारी के बाद भी अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने से अधिवक्ता समुदाय में भारी आक्रोश व्याप्त है। इसी के विरोध में सोमवार को बड़ी संख्या में वकीलों ने कलेक्ट्रेट के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।

धरना दे रहे अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए और सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। वकीलों का कहना है कि हत्या जैसा जघन्य अपराध होने के बावजूद पुलिस की कार्रवाई बेहद धीमी है, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिलने में देरी हो रही है।

प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए जब कोतवाली इंस्पेक्टर और अधिवक्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। हालांकि मौके पर मौजूद अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

खबर के मुताबिक, अधिवक्ता महजबीन के चाचा भी पिछले दो दिनों से कलेक्ट्रेट पर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। परिजनों का साफ कहना है कि जब तक सभी दोषियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरना प्रदर्शन में निवर्तमान बार एसोसिएशन अध्यक्ष मनोज हरित, सचिव पद के प्रत्याशी शंकर कुमार सक्सेना, अध्यक्ष पद के दावेदार वरिष्ठ अधिवक्ता सहित बड़ी संख्या में युवा वकील शामिल रहे। अधिवक्ताओं और परिजनों ने एक स्वर में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक और उग्र किया




