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खेती किसानी

उद्यान विभाग के अन्तर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं में अनुदान देय है : पूजा

 

बरेली। उप निदेशक उद्यान श्रीमती पूजा ने बताया कि औद्यानिक विकास कार्यक्रमों के क्रम में फल, शाकभाजी, मसाला एवं फूलों की खेती के विकास से सम्बन्धित कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न औद्यानिक फसलों के उत्पादन एवं उत्पादन के उपरान्त उनके प्रबन्धन के क्रम में विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें राज्य एवं केन्द्र सरकार द्वारा देय अनुदान एवं लाभान्वित किये जाने हेतु निर्धारित सीमा का उल्लेख है।उप निदेशक उद्यान ने बताया कि एकीकृत बागवानी मिशन योजना के अन्तर्गत नवीन उद्यान रोपण के अन्तर्गत आम, अमरूद तथा पपीता पर 50 प्रतिशत अनुदान 3 वर्षां में देय है और केला रोपण पर 40 प्रतिशत प्रति दो वर्षों में देय है। मौन पालन में कुल लागत 208000 का 40 प्रतिशत अनुदान देय है। शंकर शाकभाजी में कुल लागत 50000 का 40 प्रतिशत तथा मसाला फसलों यथा लहसुन, प्याज, हल्दी पर कुल लागत 30000 का 40 हेक्टेयर प्रति हेक्टेयर अनुदान देय है।

 

 

 

जीर्णोद्धार में आम तथा अमरूद के बागों के जीर्णोद्धार पर कुल लागत 40000 का 50 प्रतिशत प्रति हेक्टेयर अनुदान देय है। मशीनीकरण कार्यक्रम में पावर ट्रिलर 8 बी.एच.पी. तक, 8 बी.एच.पी. से अधिक पर कुल लागत का 50 प्रतिशत तथा ट्रेक्टर 20 बी.एच.पी. तक कुल लागत का 35 प्रतिशत अनुदान देय है।उप निदेशक उद्यान ने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अन्तर्गत मण्डल के जनपद बदायॅू, शाहजहांपुर तथा पीलीभीत में संचालित नवीन उद्यान रोपण के अन्तर्गत आम, अमरूद एवं केला के उद्यान रोपित करने हेतु कुल लागत का 50 प्रतिशत अनुदान देय है। यह अनुदान तीन वर्षों में क्रमशः 60ः20ः20 के अनुपात में दिया जायेगा। मसाला की खेती के अंतर्गत लहसुन, प्याज, मसाला, मिर्च एवं धनिया की फसलों पर 12000 रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान/निवेश देय हैं, इस योजना में कृषक अपने प्रक्षेत्र पर न्यूनतम 0.2 हेक्टेयर से अधिकतम 4 हेक्टेयर तक प्रति लाभार्थी सीमा तक अनुदान देय है। फूलों की खेती के अंतर्गत गेंदा, ग्लोडियस, बल्ब, फसल पर लघु सीमांत कृषकों को गेंदा की खेती पर 16000 रुपए प्रति हेक्टेयर अन्य कृषकों को 10000 रुपए प्रति हेक्टेयर अनुदान देय है। ग्लोडियस की खेती पर 60000 रुपए प्रति हेक्टेयर लघु सीमांत कृषकों को एवं 40000 रुपए प्रति हेक्टेयर अन्य कृषकों को अनुदान/निवेश देये है। शंकर शाक भाजी उत्पादन कार्यक्रम के अन्तर्गत शंकर सब्जियों की खेती पर कृषकों को प्रोत्साहित करने हेतु 20000 रुपए प्रति हेक्टेयर के अनुदान/निवेश की व्यवस्था है। कार्यक्रम में कृषक 0.2 हेक्टेयर से 0.4 हेक्टेयर तक लाभ ले सकता है।

 

उप निदेशक उद्यान ने कहा कि अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति राज्य सेक्टर योजना के अन्तर्गत मण्डल के चारों जनपदों में संचालित हैं। यह योजना मसाला की खेती, फूलों की खेती एवं संकर सब्जियों में 75 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक अनुदान/निवेश देने की व्यवस्था है, प्रति कृषक 0.1 हेक्टेयर की सीमा तक का लाभ दिया जायेगा। योजनाओं का लाभ प्राप्त करने हेतु ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य है पंजीकरण हेतु आवश्यक प्रपत्र (आधार कार्ड, बैंक पास बुक, खतौनी की छाया प्रति, मोबाइल नम्बर व लाभार्थी के पासपोर्ट साइज दो फोटो) अनिवार्य हैं। उन्होंने कहा कि इच्छुक कृषक अपना पंजीकरण कइज नचीचतजपबनसजनतमण्बवउ पोर्टल पर किसी भी जनवाणी केंद्र पर करा सकते हैं। लाभार्थी चयन प्रथम आवक प्रथम पावक के आधार पर किया जायेगा।उप निदेशक उद्यान ने कहा कि मंडल के जनपदों में संचालित योजनाओं की अधिक जानकारी हेतु जिला उद्यान अधिकारी बरेली पुनीत कुमार पाठक मोबाइल नंबर 9468359089, उद्यान निरीक्षक बदायूं  जितेन्द्र सिंह मोबाइल नंबर 6393351633, जिला उद्यान अधिकारी शाहजहांपुर राघवेन्द्र सिंह मोबाइल नंबर 7895911097 तथा जिला उद्यान अधिकारी पीलीभीत रमेश चन्द्र राणा मोबाइल नंबर 8445094405 पर सम्पर्क कर सकते हैं।

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