News Vox India
स्वास्थ्य

First Time: पहली बार यौन संबंध बनाने पर महिलाओं के शरीर में होते हैं ये बड़े बदलाव

यौन संबंध या शारीरिक संबंध बनाना एक खास एहसास होता है. लेकिन, यौन संबंध बनाना जितना भावनाओं से जुड़ा है, उतना ही शारीरिक स्वास्थ्य से भी जुड़ा हुआ है. जब कोई महिला पहली बार यौन संबंध स्थापित करती है, तो उसके शरीर में कई बड़े बदलाव होते हैं. इससे वह थोड़ी असहज और चिंताग्रस्त हो सकती है. आइए, पहली बार शारीरिक संबंध बनाने पर महिला के अंदर होने वाले शारीरिक बदलावों के बारें में जानते हैं.

Advertisement

पहली बार यौन संबंध बनाने पर महिला के शरीर में होने वाले बदलाव (Body Changes in Women after first time physical relation)जब कोई महिला पहली बार यौन संबंध बनाती है, तो उसके अंदर कई भावनात्मक, दिमागी व शारीरिक बदलाव होते हैं. कुछ लोग इसे वर्जिनिटी से जोड़कर देखते हैं. हालांकि, वर्जिनिटी एक प्रकार का मिथ है. आइए, महिला स्वास्थ्य पर केंद्रित flo.health द्वारा बताए गए इन बदलावों के बारे में जानते हैं.

ये भी पढ़ें: लंबे समय तक शारीरिक संबंध ना बनाने पर क्या होता है असर, जानकर हो जाएंगे हैरान

जब महिला पहली बार इंटरकोर्स करती है, तो उसके जननांग की इलास्टिसिटी पर फर्क पड़ता है. ऐसा नहीं है कि महिला जननांग में इलास्टिसिटी नहीं होती है, वह बच्चे के जन्म के लिए जरूरी खिंचाव तक सहन कर सकती है. लेकिन इंटरकोर्स के माध्यम से कुछ हद तक महिला जननांग को खिंचाव की आदत होने लगती है.पहली बार यौन संबंध बनाने पर महिला के शरीर में कई हॉर्मोन्स का उत्पादन शुरू होता है या बढ़ जाता है. इस दौरान एंडोर्फिन, डोपामाइन, ऑक्सीटोसिन हॉर्मोन का स्तर बढ़ने लगता है. जो कि महिला को मानसिक रूप से शांत और खुशनुमा बनाते हैं.पहली बार शारीरिक संबंध बनाने पर कुछ महिलाओं के स्तनों में बदलाव हो सकता है. क्योंकि, कामोत्तेजना के दौरान ब्रेस्ट में ब्लड फ्लो बढ़ जाता है, जिससे उनका साइज बढ़ा हो जाता है.कामोत्तेजना के कारण शरीर में बढ़ा ब्लड फ्लो महिलाओं के निप्पल को भी प्रभावित करता है. इसके कारण निप्पल ज्यादा संवेदनशील हो जाते हैं. हालांकि, ब्रेस्ट की तरह निप्पल्स में हुआ यह बदलाव भी अस्थाई होता है.पहली बार यौन संबंध बनाने पर महिला के क्लिटोरियस और यूट्रस पर भी असर पड़ता है. क्योंकि, ब्लड फ्लो बढ़ने के कारण क्लिटोरियस में फूल जाता है और संवेदनशील हो जाता है. इसके साथ ही यूट्रस में संकुचन शुरू हो जाता है. धीरे-धीरे यह संकुचन बेहतर होता रहता है.पहली बार यौन संबंध बनाने पर महिलाओं शरीर में ब्लड फ्लो बढ़ने, ऑक्सीजन में बढ़ोतरी व गुड हॉर्मोन्स का उत्पादन त्वचा पर भी असर डालता है. जिससे स्किन में ग्लो आ सकता है.वहीं, कुछ महिलाओं में पहली बार शारीरिक संबंध बनाने पर हुए हॉर्मोनल चेंज के कारण पीरियड्स में देरी हो सकती है. हालांकि, इससे गर्भावस्था का कोई संबंध नहीं है.

ये भी पढ़ें: Men’s Health: मैरिड हो या सिंगल, हर पुरुष के लिए जरूरी हैं ये 5 सुपरफूड, वरना भुगतनी होगी ये गंभीर समस्या

क्या पहली बार यौन संबंध बनाने पर गर्भवती हो सकती है महिला?बिल्कुल हां. क्योंकि, चाहे आप पहली बार यौन संबंध बना रही हों या 10वीं बार, आपके गर्भवती होने की संभावना होती है. जब भी पुरुषों के शुक्राणु महिला के जननांग में प्रवेश करेंगे, उतनी ही बार गर्भावस्था की संभावना हो सकती है.

यहां दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है. यह सिर्फ शिक्षित करने के उद्देश्य से दी जा रही है.

Related posts

Food for Body Part: शरीर के हर अंग के लिए खाना चाहिए अलग फूड, फायदे देखकर रह जाएंगे दंग, देखें फूड लिस्ट

cradmin

Flat Tummy पाने के लिए Dieting की जरूरत नहीं, बस इन सिंपल कामों को बना लीजिए आदत

cradmin

स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात  रचना ऋषि हुई सेवानिवृत्त

newsvoxindia

Leave a Comment