फूलों से सजा दरबार, निसान यात्रा में उमड़ा भक्तों का सैलाब, भजनों में झूमे श्रद्धालु
बरेली। देव-उत्थान एकादशी के शुभ अवसर पर श्यामगंज स्थित श्री शिरडी साई-खाटूश्याम सर्वदेव मंदिर में शनिवार को बाबा श्याम का जन्मोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास और भक्ति भाव से मनाया गया। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। पूरा मंदिर कलकत्ता और बैंगलोर से मंगाए गए फूलों से सजाया गया था। बाबा श्याम का दिव्य श्रृंगार देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों के साथ-साथ दूरदराज से भी भक्त पहुंचे।

मंदिर परिसर में सुबह बाबा श्याम का अलौकिक श्रृंगार किया गया। देव-उत्थान एकादशी को श्याम भक्त बाबा श्याम का जन्मोत्सव के रूप में मनाते हैं। इस अवसर पर श्रृंगार सेवा गुरमंगत परिवार द्वारा की गई। मंदिर के महंत पंडित सुशील पाठक ने बताया कि निसान लेकर चलने वाले हर भक्त की मनोकामना बाबा श्याम अवश्य पूरी करते हैं।
निसान यात्रा मंदिर से प्रारंभ होकर विकास भवन, रामपुर बाग, जैन मंदिर और काली मंदिर होते हुए आगे बढ़ी। विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। ऐरन स्टोर पर भक्तों को जलपान और चाय की सेवा दी गई। पूरे मार्ग में “श्याम तेरी बंसी पुकारे” जैसे भजनों पर भक्त नाचते-गाते नजर आए।
शाम को भजन संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें भजन गायक अभिराज सिंह, मोहन दीवाना और सोनल चंचल ने अपनी सुरमयी प्रस्तुति से भक्तों को भावविभोर कर दिया। महिला कलाकारों प्रियंका चौहान और अक्षिता बाजपेयी ने भी अपनी मधुर आवाज़ से श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। गुरु गणेश वंदना और सरस्वती वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत हुई और पूरा पंडाल भक्तिरस में डूब गया।
भजन संध्या में संगीतकार विशाल मौर्य (आरगन), सचिन (ढोलक) और अंकुर कश्यप (पैड) ने संगत कर माहौल को और भक्तिमय बना दिया। साउंड सेवा विपिन कश्यप द्वारा की गई। कार्यक्रम के अंत में खीर और फलों का प्रसाद वितरित किया गया, जिसकी सेवा मीनू और राजेन्द्र भसीन परिवार ने की। बाबा श्याम की नई पोशाक का दान साक्षी और संजय आयलानी ने किया।
महंत पंडित सुशील पाठक ने बताया कि बाबा श्याम के दरबार में हर भक्त की मनोकामना पूरी होती है। कोई संतान सुख पाता है, कोई रोगमुक्त होता है, तो किसी के व्यापार में उन्नति होती है। इसी आस्था और विश्वास के कारण देशभर से श्रद्धालु बाबा श्याम के दरबार में दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
इस मौके पर अनेक श्रद्धालु और गणमान्य लोग मौजूद रहे। पूरा वातावरण भक्ति, श्रद्धा और उल्लास से सराबोर दिखाई दिया।




