बरेली। प्रेमनगर स्थित वाल्मीकि साधु आश्रम में श्री श्री 108 सतगुरु बाबा सागरदास जी की 30वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय वाल्मीकि संत समागम का समापन विश्व शांति यज्ञ और विशाल भंडारे के साथ श्रद्धा व उत्साह के बीच संपन्न हुआ। कार्यक्रम में देशभर से पहुंचे संतों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया और आध्यात्मिक वातावरण में धर्म, भक्ति व सामाजिक एकता का संदेश दिया गया।

उज्जैन से पधारे वाल्मीकि समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पीठाधीश्वर स्वामी बलराम दास योगी के सान्निध्य में संतों ने सत्संग किया, जिसमें विभिन्न प्रांतों से आए संतों ने अपने प्रवचनों से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। सुबह 7 बजे विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना के साथ यज्ञ-हवन संपन्न हुआ, जिसमें पंजाब से आए बलवीर सिंह सोंधी सहित कई संतों ने भाग लिया।
इसके बाद प्रतिवर्ष की भांति सुबह 11 बजे सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम की शुरुआत संयोजक अरविंद वाल्मीकि द्वारा संतों के स्वागत से हुई।
संत सम्मेलन में समाज में शिक्षा को बढ़ावा देने, दहेज प्रथा, मृत्यु भोज और फिजूलखर्ची जैसी कुरीतियों को समाप्त करने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर अनेक संत, समाजसेवी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन ने समाज में एकता, सेवा और आध्यात्मिक जागरूकता का संदेश दिया।



